डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में शानदार वापसी करते हुए मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। 78वें मिनट तक दो गोल से पीछे रहने के बावजूद टीम ने अंतिम 13 मिनट में तीन गोल दागकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
FIFA WORLD CUP: डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में यादगार प्रदर्शन करते हुए मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना 78वें मिनट तक 2-0 से पीछे चल रही थी। ऐसा लग रहा था कि मौजूदा चैंपियन का सफर प्री-क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो जाएगा, लेकिन टीम ने अंतिम 13 मिनट में तीन गोल दागकर इतिहास रच दिया।
वर्ल्ड कप इतिहास में यह पहली बार है जब अर्जेंटीना ने दो गोल से पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतने में सफलता हासिल की। इस शानदार जीत के साथ टीम ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जहां उसका सामना 12 जुलाई को स्विट्जरलैंड से होगा।
मिस्र ने की आक्रामक शुरुआत
मुकाबले की शुरुआत से ही मिस्र ने तेज़ और आक्रामक खेल दिखाया। 15वें मिनट में यासिर इब्राहिम ने अर्जेंटीना के डिफेंस को भेदते हुए पहला गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। शुरुआती झटके के बाद अर्जेंटीना ने बराबरी की कोशिशें तेज कर दीं, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शौबीर लगातार शानदार बचाव करते रहे। पहले हाफ में अर्जेंटीना को कई मौके मिले, लेकिन मिस्र की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर के बेहतरीन प्रदर्शन ने स्कोर 1-0 पर बनाए रखा।
मेसी पेनाल्टी पर गोल करने से चूके
21वें मिनट में अर्जेंटीना को पेनाल्टी मिली, जिससे टीम के पास बराबरी करने का सुनहरा अवसर था। कप्तान लियोनेल मेसी ने पेनाल्टी ली, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शौबीर ने शानदार डाइव लगाकर गेंद को रोक दिया। मेसी के लिए यह निराशाजनक पल था और उस समय ऐसा लग रहा था कि अर्जेंटीना का दबाव बेअसर साबित हो सकता है। पहले हाफ के अंत तक मिस्र अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।
दूसरे हाफ में मिस्र ने बढ़ाई बढ़त
दूसरे हाफ में भी मिस्र ने आत्मविश्वास के साथ खेल जारी रखा। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने बेहतरीन मूव के बाद शानदार गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल के बाद अर्जेंटीना पर दबाव और बढ़ गया। 78वें मिनट तक मिस्र पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बनाए हुए था और जीत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था। लेकिन इसके बाद मैच ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने फुटबॉल प्रशंसकों को रोमांचित कर दिया।
13 मिनट में अर्जेंटीना की ऐतिहासिक वापसी
79वें मिनट में अर्जेंटीना को पहली सफलता मिली। लियोनेल मेसी के शानदार क्रॉस पर क्रिस्टियन रोमेरो ने हेडर के जरिए गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल से अर्जेंटीना को नई ऊर्जा मिली। इसके केवल चार मिनट बाद 83वें मिनट में लियोनेल मेसी ने शानदार फिनिश के साथ गोल दागकर मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। मेसी के इस गोल के साथ स्टेडियम में मौजूद अर्जेंटीना के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में अर्जेंटीना ने निर्णायक हमला किया। लाउतारो मार्टिनेज के शानदार क्रॉस पर एंजो फर्नांडीज ने हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर टीम को 3-2 की बढ़त दिला दी। इसके बाद मिस्र वापसी नहीं कर सका और अर्जेंटीना ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मेसी ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड
इस मुकाबले में गोल करने के साथ लियोनेल मेसी ने टूर्नामेंट में अपना आठवां गोल दर्ज किया और गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड कप में लगातार नौ अलग-अलग मैचों में गोल करने का अपना ही रिकॉर्ड और बेहतर किया।

मेसी के नाम अब वर्ल्ड कप इतिहास में कुल 21 गोल हो चुके हैं, जिससे वह टूर्नामेंट के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं। जीत के बाद मेसी भावुक हो गए और मैदान पर उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल आए।
फर्नांडीज का गोल बना ऐतिहासिक
एंजो फर्नांडीज का इंजरी टाइम में किया गया गोल केवल अर्जेंटीना की जीत का कारण ही नहीं बना, बल्कि फुटबॉल वर्ल्ड कप इतिहास का 3000वां गोल भी साबित हुआ। इस उपलब्धि ने इस मुकाबले को और भी यादगार बना दिया। फर्नांडीज, रोमेरो और मेसी की तिकड़ी ने अंतिम क्षणों में शानदार तालमेल दिखाते हुए अर्जेंटीना को टूर्नामेंट में आगे पहुंचाया।
क्वार्टर फाइनल की तस्वीर साफ
इस जीत के साथ फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल की सभी आठ टीमें तय हो गई हैं। अर्जेंटीना अब 12 जुलाई को स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगी। टीम की मौजूदा फॉर्म और अंतिम क्षणों तक संघर्ष करने की क्षमता उसे खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल करती है। दूसरी ओर, मिस्र ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम मिनटों में रक्षात्मक चूक उसकी हार का कारण बन गई। टीम ने शुरुआती 78 मिनट तक मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन अर्जेंटीना के तेज़ आक्रमण के सामने वह अपनी बढ़त नहीं बचा सकी।











