अरुणाचल प्रदेश के हनली में RTI कार्यकर्ता और असम राइफल्स राइफलमैन रक्खिनी मिपी मृत पाए गए। उनका शव आर्मी ट्रांजिट कैंप के बाथरूम में मिला। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम और अन्य पहलुओं की जांच शुरू की है।
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली जिले में सूचना के अधिकार (RTI) कार्यकर्ता और असम राइफल्स के राइफलमैन रक्खिनी मिपी की मौत का मामला सामने आया है। मिपी रविवार सुबह हनली स्थित एक आर्मी ट्रांजिट कैंप में मृत पाए गए। पुलिस ने मामले को अस्वाभाविक मौत के रूप में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मिपी का शव कैंप के बाथरूम में मिला। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उनका शव सुबह करीब 7:10 बजे बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया है कि मामले में किसी तरह की बाहरी भूमिका की संभावना को अभी पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रोइंग भेजा गया है।
मिपी की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के बीच भी चिंता पैदा हुई है। वह लंबे समय से RTI कानून के माध्यम से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाते रहे थे।
3 अक्टूबर को यूनिट के साथ हनली पहुंचे थे
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रक्खिनी मिपी 3 अक्टूबर को अपनी यूनिट के साथ हनली पहुंचे थे। वह एक निर्धारित सशस्त्र बल युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए अनीनी की ओर जा रहे थे। इसी यात्रा के दौरान उनकी यूनिट हनली स्थित आर्मी ट्रांजिट कैंप में रुकी थी।
रविवार सुबह कैंप में उनकी मौत की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए रोइंग भेज दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य निष्कर्ष यह समझने में महत्वपूर्ण होंगे कि मिपी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पुलिस ने मौत को अस्वाभाविक मृत्यु के मामले के रूप में दर्ज किया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार, मामले में किसी भी संभावित पहलू को अभी बंद नहीं किया गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि किसी तरह की गड़बड़ी या बाहरी हस्तक्षेप की संभावना को जांच के स्तर पर पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
जांच के तहत मिपी के परिजनों के बयान दर्ज किए जाने हैं। इसके अलावा घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ और कैंप में मौजूद परिस्थितियों की पड़ताल भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि मौत से पहले मिपी की गतिविधियां क्या थीं और उस समय कैंप में उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
RTI के जरिए उठाते थे सरकारी कामकाज से जुड़े सवाल
रक्खिनी मिपी केवल सुरक्षा बलों में अपनी भूमिका के लिए ही नहीं, बल्कि RTI कार्यकर्ता के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने सूचना के अधिकार कानून का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक परियोजनाओं से जुड़े सवाल उठाने के लिए किया था।
उनकी सक्रियता का एक प्रमुख क्षेत्र सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की पड़ताल करना था। वह सरकारी परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उनके पर्यावरणीय प्रभाव से संबंधित मुद्दों को भी सार्वजनिक मंचों पर उठाते रहे थे।
मिपी ने कथित तौर पर जल जीवन मिशन से जुड़े कुछ मामलों में रिकॉर्ड और कार्यान्वयन को लेकर सवाल किए थे। उनका उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध कानूनी माध्यमों का इस्तेमाल करना था।
सियांग परियोजना का भी किया था विरोध
मिपी की सार्वजनिक गतिविधियों में सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट से जुड़ा विरोध भी शामिल था। उन्होंने इस परियोजना को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं और इससे जुड़े संभावित प्रभावों पर सवाल उठाए थे।
अरुणाचल प्रदेश में बड़े बुनियादी ढांचा और ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर पर्यावरण, स्थानीय समुदायों और विकास के बीच संतुलन को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। मिपी भी ऐसे मुद्दों पर अपनी सक्रियता के कारण सार्वजनिक चर्चा में रहे थे।
हालांकि, उनकी मौजूदा मौत और उनके पूर्व सामाजिक या सार्वजनिक कार्यों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि अभी अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है। जांच एजेंसियों के निष्कर्ष आने तक दोनों घटनाओं के बीच संबंध जोड़ना उचित नहीं होगा।
NH-313 से जुड़े मामले में NGT का रुख किया
रक्खिनी मिपी ने कथित तौर पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष भी एक याचिका दायर की थी। यह मामला NH-313 से जुड़ी कथित पर्यावरणीय अनियमितताओं से संबंधित बताया गया है।
पर्यावरण से जुड़े मामलों में NGT की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पर्यावरण संरक्षण और उससे संबंधित विवादों की सुनवाई के लिए स्थापित विशेष न्यायिक मंच है। मिपी की सक्रियता से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने प्रशासनिक रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से सार्वजनिक हित से जुड़े मुद्दे उठाने का प्रयास किया था।
मौत की परिस्थितियों पर अभी कई सवाल
मिपी की मौत को लेकर फिलहाल कई सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकते हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि कैंप में उनकी अंतिम गतिविधियां क्या थीं और घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना जांच की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। पोस्टमार्टम से मौत की परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण चिकित्सकीय जानकारी मिल सकती है। इसके साथ ही पुलिस अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की दिशा तय करेगी।
अधिकारियों ने अभी तक घटना को लेकर किसी आपराधिक साजिश या किसी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस स्तर पर किसी भी तरह की अटकल से बचना जरूरी है।
परिवार के बयान जांच में अहम होंगे
पुलिस मिपी के परिजनों के बयान भी दर्ज करेगी। परिवार से मिली जानकारी से उनकी हालिया गतिविधियों, संपर्कों और परिस्थितियों के बारे में जांचकर्ताओं को अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।
जांच एजेंसियां यदि आवश्यक समझती हैं तो मिपी के सहकर्मियों और उन लोगों से भी जानकारी ले सकती हैं, जो घटना से पहले उनके संपर्क में थे। इससे घटनाक्रम की समयरेखा तैयार करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
निष्कर्ष का इंतजार
अरुणाचल प्रदेश के हनली स्थित आर्मी ट्रांजिट कैंप में RTI कार्यकर्ता और असम राइफल्स राइफलमैन रक्खिनी मिपी की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मिपी की पहचान सरकारी योजनाओं, पर्यावरणीय मुद्दों और सार्वजनिक परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाने वाले RTI कार्यकर्ता के रूप में रही है। हालांकि, उनकी सार्वजनिक सक्रियता और उनकी मौत के बीच किसी संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हनली कैंप में उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने तक मौत के कारण और संभावित जिम्मेदारी को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।











