पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजों से पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के नतीजों से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दोनों सीटों पर हुए मतदान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और लोगों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की गई। ममता बनर्जी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था और मतगणना 9 अक्टूबर को होनी है। नतीजों से पहले ममता बनर्जी के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, उनके आरोपों को लेकर चुनाव अधिकारियों या बीजेपी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
ममता बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई और मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को प्रभावित किया गया। उनका कहना था कि कुछ लोगों को वोट डालने से रोका गया और पहचान पत्रों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं।
ममता ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए EVM में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ही बीजेपी के नेताओं की ओर से जीत के अंतर को लेकर दावे किए जा रहे थे। ममता ने इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता का विषय बताया। हालांकि, ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इन सभी घटनाओं को नहीं देखा है, बल्कि उन्हें अलग-अलग पक्षों की ओर से ऐसी शिकायतों की जानकारी मिली है।
बीजेपी ने किया बड़े अंतर से जीत का दावा

उपचुनाव के नतीजों से पहले बीजेपी ने नंदीग्राम में बड़ी जीत का दावा किया है। पार्टी नेताओं ने दोनों सीटों पर जीत की उम्मीद जताई है। बीजेपी का दावा है कि नंदीग्राम में उसे करीब 50 हजार वोटों के अंतर से जीत मिल सकती है। नंदीग्राम बीजेपी के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण सीट है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का इस क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। उन्होंने भी दोनों सीटों पर बीजेपी की जीत का भरोसा जताया है और कहा कि नंदीग्राम में पार्टी बड़े अंतर से जीत दर्ज कर सकती है।
नंदीग्राम में क्या है चुनावी समीकरण?
नंदीग्राम में इस बार मुकाबला कई राजनीतिक धड़ों के बीच है। बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है, जो शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया। उन्हें एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में जमानत मिल गई।
वहीं, रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी TMC गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह नंदीग्राम में मुकाबला सामान्य बीजेपी बनाम TMC से कहीं अधिक जटिल हो गया है।
रेजीनगर में भी मुकाबला दिलचस्प
रेजीनगर में भी चुनावी मुकाबला कई उम्मीदवारों के बीच है। यहां 78.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि नंदीग्राम में मतदान प्रतिशत 79.39 रहा।रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी। इस उपचुनाव में उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा गया है।
बीजेपी ने सखराव सरकार, TMC ने रबीउल आलम चौधरी, TMC के बागी गुट ने सफियुज्जमान शेख, कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और CPI(M) ने सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है।












