प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत कन्नौज को वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,700 नए आवासों का लक्ष्य मिला है। पात्र लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपये की सहायता के साथ शौचालय और मनरेगा मजदूरी का लाभ भी मिलेगा।
कन्नौज: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पक्के घर का इंतजार कर रहे ग्रामीण परिवारों के लिए राहत की खबर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कन्नौज जिले को 5,700 नए आवासों का लक्ष्य मिला है। पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में आवास निर्माण की पहली किस्त DBT के माध्यम से भेजी जाएगी। योजना के तहत मकान के साथ शौचालय और मजदूरी का लाभ भी दिया जाएगा।
कन्नौज को मिले 5,700 नए आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत कन्नौज जिले में नए आवासों के निर्माण की प्रक्रिया जल्द तेज होने वाली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अक्टूबर महीने में जिले को 5,700 आवासों का भौतिक लक्ष्य आवंटित किया गया है। इस लक्ष्य को जिले के सभी आठ विकास खंडों में पात्रता के आधार पर विभाजित किया जाएगा।

इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से योजना के तहत पक्के घर की उम्मीद लगाए बैठे थे। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कन्नौज को केवल 328 आवासों का लक्ष्य मिला था। इसके बाद नए लक्ष्य के आवंटन में अंतर रहा, जिसके कारण कई जरूरतमंद परिवारों को इंतजार करना पड़ा।
अब नया लक्ष्य मिलने के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र परिवारों का चयन योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।
हर लाभार्थी को मिलेंगे 1.20 लाख रुपये
योजना के तहत पात्र लाभार्थी को पक्का मकान बनाने के लिए कुल 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार आवास निर्माण की पहली किस्त भी डीबीटी यानी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जाएगी।
सरकार की योजना केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है। लाभार्थियों को घर के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दूसरी सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने नए घर में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
शौचालय के लिए 12 हजार और मजदूरी का लाभ
PM Awas Yojana Gramin के लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत अलग से 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे नए घर के साथ स्वच्छता की सुविधा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा आवास निर्माण के दौरान लाभार्थी परिवार को मजदूरी का लाभ भी दिया जाएगा। योजना के तहत मनरेगा के माध्यम से 90 दिनों की अकुशल मजदूरी उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है। इससे घर बनाने वाले गरीब परिवारों पर निर्माण लागत का अतिरिक्त आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
DBT से खाते में पहुंचेगी पहली किस्त
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राम औतार सिंह के अनुसार शासन स्तर से जिले को आवास निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। पात्र लाभार्थियों के चयन और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके बैंक खातों में पहली किस्त भेजी जाएगी।
DBT के जरिए पैसा सीधे खाते में पहुंचने से लाभार्थियों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी। नए लक्ष्य से ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को उम्मीद जगी है। अब योजना के तहत पात्रता और दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवास निर्माण का काम आगे बढ़ेगा।












