अयोध्या: दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा स्वयंभू संत आसाराम इलाज के लिए मिली जमानत के दौरान अयोध्या पहुंचा। यहां उसने राम मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद उसका एक बयान सामने आया, जिसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मीडिया से बातचीत में आसाराम ने कहा कि तीर्थ स्थलों पर जाने से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति मिलती है और ऐसे पवित्र स्थानों पर जाने से नरक नहीं भोगना पड़ता। उसके इस बयान को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि आसाराम को स्वास्थ्य कारणों के चलते अदालत से अस्थायी जमानत मिली हुई है। इसी दौरान वह अयोध्या पहुंचा और राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। दर्शन के समय उसके कुछ अनुयायी भी उसके साथ मौजूद रहे।
मंदिर परिसर में उसकी मौजूदगी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसने रामलला के दर्शन किए और कुछ समय मंदिर परिसर में बिताया।
गौरतलब है कि साल 2018 में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फिलहाल वह इलाज के कारण मिली जमानत पर बाहर है।
अयोध्या में उसके आने की खबर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। कुछ लोग इसे धार्मिक यात्रा बता रहे हैं, जबकि कई लोग उसके बयान को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
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