Asha Negi Interview: काम नहीं मिलने पर भी नहीं छोड़ी एक्टिंग, बोलीं- खुद पर किया काम

Asha Negi Interview: टीवी एक्ट्रेस आशा नेगी ने बताया कि काम नहीं मिलने के दौर में भी उन्होंने एक्टिंग नहीं छोड़ी। इस मुश्किल समय में उन्होंने खुद पर काम किया

टीवी अभिनेत्री आशा नेगी इन दिनों शो 'अली बाबा 40 भूत' में नजर आ रही हैं। इस शो में वह एक साइंस स्टूडेंट की भूमिका निभा रही हैं, जो शुरुआत में भूत-प्रेत जैसी चीजों पर विश्वास नहीं करती।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री आशा नेगी ने अपने करियर में सफलता के साथ-साथ मुश्किल दौर का भी सामना किया है। ‘पवित्र रिश्ता’ से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री ने एक हालिया बातचीत में अपने संघर्ष, बदलते मनोरंजन उद्योग और अभिनय के प्रति अपने जुनून पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि करियर में एक समय ऐसा भी आया, जब उनके पास काम नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने अभिनय छोड़ने या किसी दूसरे पेशे में जाने के बारे में नहीं सोचा।

इसके बजाय उन्होंने उस समय का इस्तेमाल अपनी कला को बेहतर बनाने, वर्कशॉप करने और अच्छे सिनेमा को समझने में किया। इन दिनों आशा नेगी वेब सीरीज ‘अली बाबा 40 भूत’ में नजर आ रही हैं, जिसमें उनका किरदार एक ऐसी साइंस स्टूडेंट का है, जो शुरुआत में भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं पर विश्वास नहीं करती।

दो दिन पहले मिला था ‘अली बाबा 40 भूत’ का ऑफर

आशा नेगी ने बताया कि ‘अली बाबा 40 भूत’ से जुड़ने का अनुभव काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्हें शूटिंग शुरू होने से महज दो दिन पहले इस प्रोजेक्ट के लिए फाइनल किया गया था। अगले दिन उनके कॉस्ट्यूम ट्रायल हुए, फिर छह एपिसोड की रीडिंग और लुक टेस्ट के साथ शूटिंग की तैयारियां शुरू हो गईं। अभिनेत्री के मुताबिक, उस समय उन्हें कहानी के केवल शुरुआती हिस्से की जानकारी थी।

सीमित समय में किरदार को समझना और शूटिंग के लिए तैयार होना आसान नहीं था। उन्होंने इसका श्रेय निर्देशक और सह-कलाकारों के सहयोग को दिया। खास तौर पर विशाल की परफॉर्मेंस और पूरी टीम के साथ ने उन्हें परिस्थितियों के अनुरूप काम करने में मदद की। आशा का मानना है कि अभिनय के क्षेत्र में कई बार कलाकार को पूरी तैयारी का अवसर नहीं मिलता। ऐसे समय में टीमवर्क, अनुभव और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।

ओरछा में दो महीने तक चली शूटिंग

वेब सीरीज के लगभग 40 एपिसोड की शूटिंग मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ओरछा में हुई। आशा नेगी के लिए यह अनुभव केवल अभिनय तक सीमित नहीं था, बल्कि मानसिक रूप से तैयार रहने की भी परीक्षा थी। उन्हें करीब दो महीने तक एक अपेक्षाकृत अलग स्थान पर रहकर शूटिंग करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक एक ही जगह रहने पर सह-कलाकार और क्रू के सदस्य ही परिवार तथा दोस्तों की तरह बन जाते हैं। ऐसे माहौल में काम करने के लिए मानसिक तैयारी उतनी ही जरूरी होती है, जितनी स्क्रिप्ट और किरदार की तैयारी।

अभिनेत्री को ओरछा की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत काफी पसंद आई। वहां के पुराने महल, ऐतिहासिक स्थल और राम राजा मंदिर ने उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई की व्यस्त जिंदगी के मुकाबले वहां की साफ हवा और शांत वातावरण उन्हें अच्छा लगा। हालांकि, ठंडे मौसम में सुबह-सुबह शूटिंग करना और आसपास मिलने वाले लजीज खाने के बीच अपनी डाइट बनाए रखना उनके लिए थोड़ा मुश्किल रहा।

टीवी के शुरुआती दिनों में घंटों करती थीं शूटिंग

आशा नेगी ने वर्ष 2011 में टेलीविजन से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। ‘पवित्र रिश्ता’ ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय शूटिंग के घंटे कई बार बेहद लंबे होते थे और कलाकारों को लगातार सेट पर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि कम उम्र में वह लंबे शूटिंग शेड्यूल आसानी से संभाल लेती थीं, लेकिन अब लगातार 12 से 14 घंटे काम करना उनके लिए कठिन हो जाता है। 

अभिनेत्री ने एक ऐसे अनुभव का भी जिक्र किया, जब रात में शूटिंग खत्म होने के बाद उन्हें अगली सुबह जल्दी सेट पर पहुंचना पड़ा। लगातार काम के कारण उनकी तबीयत और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा था। आशा की बातें मनोरंजन उद्योग में काम करने की बदलती परिस्थितियों और कलाकारों के लिए आराम तथा व्यक्तिगत समय के महत्व को भी सामने लाती हैं।

काम नहीं मिला तो एक्टिंग छोड़ने के बजाय खुद को निखारा

आशा नेगी ने अपने करियर के उस दौर पर भी बात की, जब उन्हें लगातार काम नहीं मिल रहा था। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने असफलता और पेशेवर अनिश्चितता का अनुभव किया है। हालांकि, इस दौरान उनके मन में अभिनय छोड़ने या किसी दूसरे करियर को चुनने का विचार नहीं आया। अभिनेत्री के अनुसार, मुश्किल दौर व्यक्ति को खुद को समझने और अपनी कमियों पर काम करने का अवसर देता है। 

जब उन्हें प्रोजेक्ट नहीं मिल रहे थे, तब उन्होंने अभिनय से जुड़ी वर्कशॉप कीं और सिनेमा देखना शुरू किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच उन्होंने फिल्मों और कहानियों को देखने का अपना नजरिया भी विकसित किया। आशा ने बताया कि जब वह मुंबई आई थीं, तब उनका अभिनय अनुभव मुख्य रूप से टेलीविजन तक सीमित था। ऐसे में खाली समय को सीखने में लगाना उनके लिए उपयोगी साबित हुआ। आज पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि उस कठिन दौर ने उन्हें एक कलाकार के रूप में बेहतर बनने में मदद की।

मां चाहती थीं कि आर्मी में जाएं आशा नेगी

अभिनेत्री ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में बताते हुए कहा कि माता-पिता के साथ समय बिताने से उन्हें अपनी साधारण और सुकून भरी जिंदगी से दोबारा जुड़ने का मौका मिलता है। व्यस्त पेशेवर जीवन से दूर परिवार के साथ बिताया गया समय उनके लिए एक ब्रेक की तरह है। उन्होंने बताया कि उनकी मां चाहती थीं कि वह भारतीय सेना में जाएं। हालांकि, आशा ने अभिनय का रास्ता चुना, लेकिन उनका मानना है कि अनुशासन और नियमितता उनकी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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