Ashwini Vaishnaw: 10-14 महीने में लौट सकता है देसी Smartphone Brand, सरकार ने पहचानी 3 संभावित कंपनियां

Ashwini Vaishnaw ने संकेत दिया कि 10-14 महीने में भारत का देसी Smartphone Brand फिर बाजार में लौट सकता है। सरकार ने इसके लिए 3 संभावित कंपनियों की पहचान

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर घरेलू ब्रैंड्स की मजबूत वापसी की उम्मीद जगी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, सरकार ने तीन संभावित कंपनियों की पहचान की है, जो वैश्विक कंपनियों को टक्कर देने वाले भारतीय स्मार्टफोन ब्रैंड विकसित कर सकती हैं।

नई दिल्ली: भारत के स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर स्वदेशी ब्रांड्स की मजबूत वापसी की उम्मीद जगी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि सरकार ने ऐसी तीन संभावित कंपनियों की पहचान की है, जिनमें भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड विकसित करने की क्षमता दिखाई दे रही है। सरकार का अनुमान है कि अगले 10 से 14 महीनों में इनमें से कोई कंपनी एक मजबूत घरेलू स्मार्टफोन ब्रांड के रूप में बाजार में उतर सकती है।

यदि यह योजना सफल होती है, तो भारत में एक बार फिर Micromax, Karbonn और Lava जैसे घरेलू ब्रांड्स की तरह भारतीय कंपनियों की मौजूदगी मजबूत हो सकती है। हालांकि, मौजूदा स्मार्टफोन बाजार में जगह बनाना पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।

सरकार का क्या है प्लान?

केंद्र सरकार नई Mobile Phone Manufacturing Scheme (MPMS) के जरिए भारत में केवल मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसका एक उद्देश्य ऐसे घरेलू टेक्नोलॉजी ब्रांड तैयार करना भी है, जो वैश्विक कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, सरकार को तीन ऐसी कंपनियां संभावनाशील लग रही हैं, जो अगले 10 से 14 महीनों में भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड के तौर पर उभर सकती हैं। मंत्री ने इन कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

सरकार का फोकस इस बात पर है कि भारत में सिर्फ विदेशी कंपनियों के लिए उत्पादन न हो, बल्कि देश में ऐसे ब्रांड भी विकसित हों जिनके पास अपनी तकनीक, डिजाइन, उत्पाद रणनीति और बाजार पहचान हो।

अगले साल तक दिख सकता है नया भारतीय ब्रांड

अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि अगले साल के मध्य तक एक मजबूत भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड बाजार में सामने आ सकता है। हालांकि, यह लक्ष्य कंपनियों की तैयारी, निवेश, उत्पाद विकास और बाजार में लॉन्च की गति पर निर्भर करेगा। इस पहल को भारत की व्यापक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल फोन उत्पादन और निर्यात बढ़ाने पर लगातार जोर देती रही है।

चीनी ब्रांड्स के सामने होगी बड़ी चुनौती

नए भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से मजबूत विदेशी कंपनियां होंगी। भारत के स्मार्टफोन बाजार में चीनी ब्रांड्स की लंबे समय से मजबूत पकड़ है। मौजूदा बाजार में Vivo, Oppo, Xiaomi और Realme जैसे ब्रांड प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। दक्षिण कोरिया की Samsung भी भारतीय बाजार में मजबूत स्थिति रखती है।

इन कंपनियों ने पिछले एक दशक में न सिर्फ कम और मध्यम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी जगह बनाई है, बल्कि कैमरा, फास्ट चार्जिंग, 5G, डिजाइन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सुविधाओं के जरिए प्रीमियम सेगमेंट में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ाई है।

कभी Micromax और Karbonn का था दबदबा

भारत में स्मार्टफोन बाजार के तेजी से विस्तार के शुरुआती दौर में Micromax और Karbonn जैसे घरेलू ब्रांड्स का खासा प्रभाव था। Lava भी भारतीय मोबाइल बाजार का प्रमुख नाम रही है। कम कीमत में ज्यादा फीचर्स उपलब्ध कराने की रणनीति ने इन कंपनियों को तेजी से लोकप्रिय बनाया था। उस दौर में Samsung, Nokia, HTC और Motorola जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भी मौजूद थे, लेकिन भारतीय कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी काफी मजबूत थी।

बाद में Xiaomi, Vivo और Oppo समेत कई चीनी कंपनियों ने भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर निवेश किया। आक्रामक मार्केटिंग, नए उत्पाद, प्रतिस्पर्धी कीमतें और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के चलते इन ब्रांड्स ने तेजी से बाजार में अपनी पकड़ बनाई। नतीजतन, ज्यादातर पुराने भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड पीछे चले गए। हालांकि, Lava जैसे कुछ घरेलू खिलाड़ी अब भी बाजार में मौजूद हैं और हाल के वर्षों में कुछ नए भारतीय ब्रांड भी सामने आए हैं।

सिर्फ ‘Made in India’ से नहीं बनेगी बात

नए भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड के लिए केवल भारत में फोन बनाना पर्याप्त नहीं होगा। बाजार में टिकने के लिए कंपनियों को R&D, डिजाइन, सॉफ्टवेयर, कैमरा टेक्नोलॉजी, चिपसेट ऑप्टिमाइजेशन और आफ्टर-सेल्स सर्विस पर भी निवेश करना होगा। ग्राहक अब सिर्फ कम कीमत नहीं देखते। स्मार्टफोन खरीदते समय कैमरा क्वालिटी, बैटरी, परफॉर्मेंस, सॉफ्टवेयर अपडेट, 5G कनेक्टिविटी और सर्विस नेटवर्क जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

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