लेखपाल उत्कर्ष दीप पर कार्रवाई के विरोध में धरना: सुल्तानपुर में लेखपालों ने कहा- CCTV फुटेज की निष्पक्ष जांच हो

सुल्तानपुर में लेखपालों ने उत्कर्ष दीप पर कार्रवाई के विरोध में धरना दिया। संघ ने CCTV फुटेज की निष्पक्ष जांच और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
लेखपाल उत्कर्ष दीप पर कार्रवाई के विरोध में धरना: सुल्तानपुर में लेखपालों ने कहा- CCTV फुटेज की निष्पक्ष जांच हो
Photo Credit / Attribution: Google

सुल्तानपुर। अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में सुल्तानपुर में लेखपालों ने धरना देकर कार्रवाई का विरोध किया। लेखपालों का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को जांच का अहम आधार बनाया जाना चाहिए।

लेखपाल संघ का आरोप है कि उत्कर्ष दीप के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। संघ के पदाधिकारियों का दावा है कि उपलब्ध CCTV फुटेज में रिश्वत लेने की तस्वीर स्पष्ट नहीं होती, बल्कि उनके अनुसार फुटेज में पैसे जबरन हाथ में रखे जाने की बात दिखाई देती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

लेखपालों ने कहा कि किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच और कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि किसी कर्मचारी को गलत तरीके से ट्रैप किया गया है तो इसकी भी जांच जरूरी है। संघ का कहना है कि CCTV फुटेज, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और कार्रवाई के दौरान तैयार किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जानी चाहिए।

इस मामले को लेकर प्रदेश के कई जिलों में लेखपालों के बीच नाराजगी सामने आई है। रायबरेली में भी लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और उत्कर्ष दीप के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। वहां संघ के पदाधिकारियों ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी थी।

सुल्तानपुर में धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उसके पीछे मौजूद सभी परिस्थितियों को जांच में शामिल किया जाना चाहिए। केवल किसी एक पक्ष के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय CCTV रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण होना चाहिए।

संघ का कहना है कि लेखपाल ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण काम करते हैं। जमीन, आय, जाति, निवास, विरासत और अन्य राजस्व मामलों से जुड़े कामों में लोगों का सीधा संपर्क लेखपालों से होता है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगता है तो कार्रवाई की निष्पक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

लेखपालों ने प्रशासन से मांग की कि उत्कर्ष दीप प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। संघ ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

विरोध कर रहे लेखपालों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। उनका तर्क है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष कर्मचारी के खिलाफ गलत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

प्रदेश स्तर पर भी लेखपाल संघ ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। डेरापुर में लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए कहा था कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संघ ने 22 अगस्त को कार्य बहिष्कार और धरने की घोषणा भी की थी।

धरने के दौरान लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपने की बात भी कही। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच, CCTV फुटेज की जांच और यदि कार्रवाई गलत पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी गई है।

लेखपाल संघ का कहना है कि CCTV फुटेज इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है। इसलिए फुटेज को सुरक्षित रखकर उसकी तकनीकी जांच कराने की मांग की जा रही है। संघ चाहता है कि कार्रवाई से पहले और कार्रवाई के दौरान की पूरी रिकॉर्डिंग को जांच का हिस्सा बनाया जाए, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

वहीं, भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई के संबंध में अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल लेखपाल संघ के आरोपों और मांगों को संगठन के पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।

सुल्तानपुर में हुए इस विरोध के बाद अब प्रशासन के सामने कर्मचारियों की मांगों और मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर दबाव बढ़ गया है। लेखपालों ने स्पष्ट किया है कि वे मामले में न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

फिलहाल उत्कर्ष दीप प्रकरण को लेकर लेखपाल संघ और प्रशासन के बीच मामला गरमाता नजर आ रहा है। लेखपाल CCTV फुटेज समेत सभी उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं। अब जांच में CCTV रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं, इसी पर पूरे मामले की आगे की दिशा निर्भर करेगी।

Leave a comment