एशियन गेम्स 2026: लवलीना बोरगोहेन ने जीता पहला गोल्ड, सुजीत कलकल फाइनल में पहुंचे

एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड जीता। महिला रिकर्व टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण जीता, सुजीत कलकल फाइनल में पहुंचे।

एशियन गेम्स 2026 में लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा बॉक्सिंग में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता। महिला रिकर्व टीम ने भी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया। सुजीत कलकल फाइनल में पहुंच गए, जबकि नेथरा कुमानन ने ब्रॉन्ज जीता।

Asian Games: जापान के नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत के लिए कई बड़ी उपलब्धियां सामने आईं। स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर अपने एशियन गेम्स करियर का पहला स्वर्ण पदक जीत लिया। इसी दिन भारतीय महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने भी इतिहास रचते हुए पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

भारत के पदकों की संख्या 70 हो गई है, जिसमें 12 गोल्ड शामिल हैं। इसके साथ भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया है।

लवलीना ने जन्मदिन पर जीता गोल्ड मेडल

28 वर्षीय लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के दिन चीन की बाओ जियी को महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में सर्वसम्मत निर्णय से 5-0 से हराया। मुकाबले में लवलीना ने आक्रामक रणनीति अपनाने के बजाय धैर्य के साथ बॉक्सिंग की। उन्होंने बाओ को आगे आने दिया और उनके हमलों से बचते हुए काउंटर पंच लगाए। भारतीय मुक्केबाज ने पूरे मुकाबले में अपनी दूरी बनाए रखी और निर्णायक पंचों के जरिए अंक हासिल किए।

पहले राउंड में बाओ ने आक्रामक शुरुआत की और लगातार पंच लगाने की कोशिश की। लवलीना ने जवाबी हमलों के जरिए मुकाबले को संतुलित रखा। जजों ने पहला राउंड 3-2 से भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में दिया। इसके बाद लवलीना ने अपनी रणनीति को बरकरार रखा और अगले राउंड में भी प्रभावी प्रदर्शन किया। तीसरे राउंड में उन्होंने अपनी बढ़त कायम रखी और अंत में सभी जजों ने उन्हें 5-0 से विजेता घोषित किया।

एशियन गेम्स में दूसरी भारतीय महिला बॉक्सिंग चैंपियन

लवलीना एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।

उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 के एशियन गेम्स में महिला बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीता था। इस तरह लवलीना ने भारतीय महिला बॉक्सिंग के इतिहास में अपना नाम एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ दर्ज कराया।

लवलीना का यह एशियन गेम्स में पहला स्वर्ण पदक है। वह इससे पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पदक जीत चुकी हैं।

बाओ जियी के खिलाफ रणनीति से मिली जीत

फाइनल में लवलीना का सामना चीन की बाओ जियी से था। बाओ ने 2026 एशियन बॉक्सिंग एलीट चैंपियनशिप में महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग का गोल्ड मेडल जीता था।

इसके बावजूद लवलीना ने फाइनल में अपनी रणनीति के मुताबिक मुकाबला किया। उन्होंने सीधे टकराव के बजाय बाओ के हमलों का इंतजार किया और जवाबी पंचों से अंक जुटाए।

लवलीना की डिफेंसिव मूवमेंट और काउंटर-अटैकिंग रणनीति मुकाबले में महत्वपूर्ण रही। अंतिम राउंड तक उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और सर्वसम्मत निर्णय से गोल्ड अपने नाम किया।

भारतीय महिला रिकर्व टीम ने भी रचा इतिहास

एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने हासिल की।

अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम की भारतीय टीम ने महिला रिकर्व टीम इवेंट के फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।

यह एशियन गेम्स के इतिहास में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। दक्षिण कोरिया की टीम लंबे समय से विश्व स्तरीय तीरंदाजी में मजबूत प्रदर्शन करती रही है। ऐसे में भारतीय टीम की यह जीत प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण परिणामों में शामिल रही।

भारतीय तिकड़ी ने दबाव के बीच लगातार सटीक निशाने लगाए और मुकाबले में अपनी बढ़त बनाए रखी। 5-3 की जीत के साथ भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

सुजीत कलकल ने ओलिंपिक चैंपियन को हराकर फाइनल में बनाई जगह

कुश्ती में भी भारत के लिए बड़ी खबर सामने आई। पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में सुजीत कलकल ने मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन जापान के कोटारो कियूका को 3-3 के स्कोर के बाद हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

कियूका ने मुकाबले की शुरुआत में 2-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद सुजीत ने दूसरे पीरियड में वापसी की और तीन अंक हासिल किए।

मुकाबला 3-3 से बराबर होने के बाद आखिरी अंक हासिल करने के आधार पर सुजीत को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली।

अब सुजीत का सामना गोल्ड मेडल के लिए ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुडिएव से होगा। फाइनल भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 2:46 बजे निर्धारित है।

क्वार्टर फाइनल में ईरानी पहलवान को 10-0 से हराया

सुजीत ने सेमीफाइनल से पहले क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकूही को 10-0 से हराया था।

भारतीय पहलवान ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। पहले पीरियड के समाप्त होने तक उन्होंने 8-0 की बढ़त हासिल कर ली थी।

दूसरे पीरियड की शुरुआत के करीब 30 सेकंड के भीतर सुजीत ने दो और अंक जुटाए। इसके बाद उन्होंने टेक्निकल सुपीरियोरिटी के आधार पर मुकाबला जीत लिया और सेमीफाइनल में जगह बनाई।

इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने ओलिंपिक चैंपियन कियूका को हराकर अपने लिए गोल्ड मेडल मुकाबले का रास्ता साफ किया।

नेथरा कुमानन ने सेलिंग में जीता ब्रॉन्ज

भारत की नेथरा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

फाइनल की पहली रेस में नेथरा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन उन्होंने दूसरी रेस में बेहतर प्रदर्शन करते हुए वापसी की। दोनों फाइनल रेस के बाद नेथरा और हांगकांग की स्टेफनी लुईस नॉर्टन के अंक बराबर रहे।

इसके बाद दोनों के बीच मुकाबलों के रिकॉर्ड को आधार बनाया गया, जिसमें नेथरा आगे थीं। इसी आधार पर भारतीय खिलाड़ी को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया।

यह सेलिंग में भारत का एक और पदक रहा और 13वें दिन भारत की मेडल सूची में जुड़ा।

भारत की मेडल टैली में लगातार सुधार

नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के 13वें दिन भारत के कुल पदकों की संख्या 70 हो गई। इनमें 12 स्वर्ण पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत छठे स्थान पर पहुंच गया है।

लवलीना बोरगोहेन का बॉक्सिंग गोल्ड, महिला रिकर्व टीम का ऐतिहासिक स्वर्ण और सुजीत कलकल का कुश्ती फाइनल में पहुंचना भारत के लिए दिन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।

अब सुजीत के फाइनल और अन्य भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबलों पर नजर रहेगी। सुजीत के पास 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाने का मौका है।

भारत की नजर आगे और पदकों पर

एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 13वां दिन कई खेलों में महत्वपूर्ण रहा। लवलीना ने जहां अपने जन्मदिन को एशियन गेम्स गोल्ड के साथ यादगार बनाया, वहीं महिला रिकर्व टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण जीतकर भारतीय तीरंदाजी में नया अध्याय जोड़ा।

कुश्ती में सुजीत कलकल के फाइनल में पहुंचने से भारत के पास एक और स्वर्ण पदक जीतने का अवसर है। वहीं नेथरा कुमानन के ब्रॉन्ज ने सेलिंग में भारत की पदक सूची को और मजबूत किया।

भारत अब 12 गोल्ड समेत 70 पदकों के साथ मेडल टैली में छठे स्थान पर है। प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पदक संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद बनी हुई है।

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