Asian Games 2026: चोट के कारण बाहर हुए ऋषिकांता सिंह, भारत की वेटलिफ्टिंग टीम को बड़ा झटका

Asian Games 2026 से पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। कॉमनवेल्थ सिल्वर मेडलिस्ट ऋषिकांता सिंह घुटने की चोट के कारण वेटलिफ्टिंग टीम से बाहर हो गए हैं।

एशियाई खेलों से पहले भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम को बड़ा झटका लगा है। कॉमनवेल्थ खेलों के रजत पदक विजेता ऋषिकांता सिंह चोट के कारण महाद्वीपीय खेलों से बाहर हो गए हैं।

स्पोर्ट्स न्यूज़: एशियाई खेलों से पहले भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम को बड़ा झटका लगा है। कॉमनवेल्थ खेलों के रजत पदक विजेता ऋषिकांता सिंह घुटने की चोट के कारण आगामी एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। वह प्रतियोगिता के लिए घोषित भारतीय टीम में शामिल इकलौते पुरुष वेटलिफ्टर थे। उनके हटने के बाद भारत की वेटलिफ्टिंग टीम में अब केवल चार महिला खिलाड़ी रह गई हैं।

मणिपुर के रहने वाले ऋषिकांता 60 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें घुटने में लगी चोट के कारण एशियाई खेलों में हिस्सा लेने से बाहर होना पड़ा है। यह भारत के लिए इसलिए भी बड़ा नुकसान है क्योंकि ऋषिकांता हाल के वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भी लगी थी चोट

ऋषिकांता को जुलाई में ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों से लगभग एक सप्ताह पहले घुटने में चोट लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला किया और शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतने में सफल रहे। भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि ऋषिकांता एशियाई खेलों तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे। 

हालांकि, उनकी चोट में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। मेडिकल जांच के बाद उन्हें लगभग एक महीने के रिहैबिलिटेशन की सलाह दी गई है। ऐसे में उन्हें एशियाई खेलों की टीम से हटना पड़ा।

भारत की टीम में अब सिर्फ चार महिला वेटलिफ्टर

ऋषिकांता के बाहर होने के बाद एशियाई खेलों में भारत की वेटलिफ्टिंग चुनौती मुख्य रूप से महिला खिलाड़ियों पर निर्भर रहेगी। टीम में अब चार महिला वेटलिफ्टर शामिल हैं। मीराबाई चानू 49 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगी। उनके अलावा ज्ञानेश्वरी यादव 53 किलोग्राम, निरुपमा देवी 61 किलोग्राम और हरजिंदर कौर 69 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

मीराबाई चानू का अनुभव भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी ताकतों में से एक होगा। वह टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीत चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रमुख वेटलिफ्टरों में शामिल रही हैं।

2022 से शुरू हुआ ऋषिकांता का अंतरराष्ट्रीय सफर

ऋषिकांता सिंह ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में 55 किलोग्राम भारवर्ग के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपना वजन वर्ग बदला और 60-61 किलोग्राम श्रेणी में अपनी पहचान मजबूत की। 2024 की राष्ट्रीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप में ऋषिकांता ने 61 किलोग्राम वर्ग के स्नैच में 124 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उनके प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि वह आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख पुरुष वेटलिफ्टरों में शामिल हो सकते हैं।

ऋषिकांता ने 2025 राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 120 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 151 किलोग्राम वजन उठाया। उनका कुल स्कोर 271 किलोग्राम रहा। यह प्रदर्शन उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के साथ भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना। इसी उपलब्धि के दम पर उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अपनी जगह पक्की की थी।

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