असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान और 4 मई को नतीजों की घोषणा तय की। बीजेपी और कांग्रेस मुख्य मुकाबले में हैं, जबकि महिला और युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
Assam Election 2026: निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 2026 के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने असम समेत चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान किया।
असम में विधानसभा का 15वां कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। संविधान और चुनावी नियमों के अनुसार, इसके पहले चुनाव संपन्न कराना अनिवार्य है। इस बार असम विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होंगे और मतदान 9 अप्रैल को संपन्न होगा। मतदान के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
असम में मतदाता संख्या और महिला मतदाता
असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं। इनमें करीब 1.25 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इस बार चुनाव में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी पर सभी राजनीतिक दलों की निगाहें हैं। महिला मतदाता और युवाओं के रुझान चुनाव परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।
असम विधानसभा चुनाव 2026 का शेड्यूल
- कुल सीटें: 126
- मतदान का चरण: एक चरण
- मतदान तिथि: 9 अप्रैल
- नतीजों की घोषणा: 4 मई

चुनाव आयोग ने सुनिश्चित किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम होंगे। मतदान में किसी तरह की गड़बड़ी या अराजकता से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
राजनीतिक समीकरण और मुख्य मुकाबला
असम में वर्तमान में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की स्थिति मजबूत है। 126 सीटों में से एनडीए के पास 86 सीटें हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 64 सीटों का है। इसके विपरीत, कांग्रेस के पास सिर्फ 22 सीटें हैं। यह स्पष्ट करता है कि इस बार कांग्रेस के लिए बहुमत हासिल करना कठिन चुनौती होगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी पूरी ताकत झोंक रही है। उनका प्रयास है कि राज्य में सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखें। वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और विपक्षी दलों की कोशिश है कि वे अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करें।
चुनाव में मुख्य मुद्दे
असम विधानसभा चुनाव में कई स्थानीय और राज्य स्तर के मुद्दे मुख्य भूमिका निभाएंगे। इनमें विकास, रोजगार, नागरिकता संबंधी कानून (CAA), शिक्षा और बाढ़ नियंत्रण शामिल हैं। विशेषकर CAA और NRC जैसे संवेदनशील मुद्दों पर मतदाताओं की राय इस बार चुनाव परिणाम पर बड़ा असर डाल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता और केंद्र सरकार की नीतियों के कारण बीजेपी मजबूत स्थिति में है। वहीं कांग्रेस को अपनी रणनीति बदलनी होगी और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतदाताओं के बीच प्रभाव जमाना होगा।
चुनाव आयोग की तैयारियां
चुनाव आयोग ने असम में मतदान प्रक्रिया की तैयारियों का विशेष निरीक्षण किया। मतदान केंद्रों में सुरक्षा के लिए पुलिस और CAPF बल तैनात होंगे। EVM और VVPAT की जांच पहले ही पूरी कर ली गई है। इसके अलावा मतदाता सूची का अंतिम पुनरीक्षण किया जा चुका है।










