असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 9 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच पहले डाक मतपत्रों की गिनती की गई, जिसके बाद EVM में दर्ज वोटों की गणना होनी है
नगांव: असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती कराई जा रही है। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा, कांग्रेस के प्रत्याशी और पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा तथा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच मुख्य मुकाबला है। मतगणना की प्रक्रिया सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती से शुरू हुई। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में दर्ज मतों की गणना की जानी है। चुनाव अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। अंतिम परिणाम घोषित होने तक शुरुआती रुझानों में बदलाव संभव है।
नगांव लोकसभा सीट पर तीन प्रमुख उम्मीदवार
नगांव उपचुनाव में तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबले पर राजनीतिक दलों और मतदाताओं की नजर है। BJP ने पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी इस सीट से उम्मीदवार हैं।
तीनों उम्मीदवारों की राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग-अलग है। देवाशीष शर्मा का प्रशासनिक सेवा का अनुभव उनकी पहचान का प्रमुख हिस्सा है। सिबामोनी बोरा पूर्व विधायक के रूप में क्षेत्रीय राजनीति का अनुभव रखते हैं। वहीं, बदरुद्दीन अजमल AIUDF के प्रमुख हैं और असम की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं।
इस मुकाबले का परिणाम यह बताएगा कि नगांव के मतदाताओं ने इन उम्मीदवारों में से किसे अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए समर्थन दिया है। हालांकि, अंतिम नतीजों से पहले किसी उम्मीदवार की जीत या हार का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना
मतगणना की शुरुआत डाक मतपत्रों से हुई। इसके बाद EVM में दर्ज वोटों की गिनती की प्रक्रिया आगे बढ़नी है। भारत में चुनावी मतगणना के दौरान डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में दर्ज मतों की गणना निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार की जाती है।
मतगणना केंद्रों पर अधिकारियों की देखरेख में अलग-अलग चरणों में वोटों की गणना होती है। प्रत्येक चरण के आंकड़ों के आधार पर उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होने लगती है। हालांकि, किसी एक दौर के आंकड़े पूरे निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणाम को जरूरी नहीं कि दर्शाएं।
नगांव सीट पर भी शुरुआती रुझानों और अंतिम नतीजों के बीच अंतर संभव है। इसलिए मतदाताओं और राजनीतिक दलों के लिए आधिकारिक आंकड़ों और निर्वाचन अधिकारियों की घोषणाओं पर भरोसा करना महत्वपूर्ण होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अधिकारियों के अनुसार, नगांव लोकसभा सीट पर मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच कराई जा रही है। चुनावी प्रक्रिया के इस महत्वपूर्ण चरण में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
मतगणना केंद्रों पर शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने और प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए अधिकारियों की निगरानी महत्वपूर्ण रहती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुरक्षा बलों की सटीक संख्या, तैनाती के विस्तृत स्थानों या किसी विशेष सुरक्षा घटना का विवरण नहीं दिया गया है।
इसलिए सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित अतिरिक्त दावों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए।
उपचुनाव का परिणाम क्यों महत्वपूर्ण है?
लोकसभा उपचुनाव में एक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अपने संसदीय प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। ऐसे चुनावों के परिणाम संबंधित राजनीतिक दलों को क्षेत्र में अपने समर्थन का आकलन करने का अवसर देते हैं।
नगांव सीट पर BJP, कांग्रेस और AIUDF के बीच मुकाबला होने से इस उपचुनाव का राजनीतिक महत्व बढ़ गया है। तीन प्रमुख उम्मीदवारों की मौजूदगी में अंतिम परिणाम मतदाताओं की पसंद और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की तस्वीर सामने ला सकता है।
हालांकि, किसी एक लोकसभा सीट का नतीजा पूरे असम में किसी पार्टी की लोकप्रियता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। चुनाव परिणाम का विश्लेषण करते समय स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहचान, मतदान के आंकड़ों और पिछले चुनावों के परिणामों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
कौन हैं प्रमुख उम्मीदवार?
देवाशीष शर्मा: BJP के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा पूर्व IAS अधिकारी हैं। उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि इस चुनाव में उनकी प्रमुख पहचान है।
सिबामोनी बोरा: कांग्रेस के उम्मीदवार सिबामोनी बोरा पूर्व विधायक हैं। उनका राजनीतिक अनुभव इस मुकाबले का एक अहम पहलू है।
बदरुद्दीन अजमल: AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी नगांव लोकसभा सीट से चुनावी मुकाबले में शामिल हैं। उनकी उम्मीदवारी से इस सीट पर तीन प्रमुख दावेदारों के बीच मुकाबला बन गया है।
इन उम्मीदवारों में से किसे मतदाताओं का सबसे अधिक समर्थन मिला है, इसका पता मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम घोषित किए जाने के बाद चलेगा।
अंतिम नतीजों पर टिकी नजरें
नगांव लोकसभा उपचुनाव की मतगणना शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजरें चुनावी परिणामों पर टिक गई हैं। पहले डाक मतपत्रों और फिर EVM में दर्ज वोटों की गणना से उम्मीदवारों की स्थिति सामने आएगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी उम्मीदवार की बढ़त, मतों के अंतर या जीत की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए खबर को मतगणना शुरू होने और प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबले तक सीमित रखना जरूरी है। अंतिम परिणाम निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। तब यह पता चलेगा कि नगांव लोकसभा सीट पर किस उम्मीदवार ने जीत हासिल की और किसे मतदाताओं का सबसे अधिक समर्थन मिला।











