ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जोश इंगलिस उंगली की चोट से उबर चुके हैं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से पहले टीम के साथ फिर से जुड़ने जा रहे हैं। पिछले महीने डरबन में खेले गए पहले वनडे मुकाबले के दौरान उनकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके कारण उन्हें सीरीज बीच में छोड़कर ऑस्ट्रेलिया लौटना पड़ा था।
स्पोर्ट्स न्यूज़: ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विकेटकीपर-बल्लेबाज जोश इंगलिस अपनी उंगली की चोट से तेजी से उबर रहे हैं और दूसरे टेस्ट से पहले टीम के साथ जुड़ने की तैयारी में हैं। उनकी वापसी से ऑस्ट्रेलियाई टीम का संतुलन बेहतर हो सकता है। इंगलिस बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाल सकते हैं, जिससे टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन चुनने में अधिक विकल्प मिलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट गकेबरहा में खेला जाना है। इस मुकाबले से पहले इंगलिस की फिटनेस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि, टीम में उनकी वापसी की खबर से ऑस्ट्रेलियाई खेमे को मजबूती मिलने की उम्मीद है, लेकिन अंतिम प्लेइंग इलेवन में उनका चयन फिटनेस और टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा।
उंगली में फ्रैक्चर के कारण टीम से हुए थे बाहर
जोश इंगलिस को पिछले महीने डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले के दौरान उंगली में चोट लगी थी। जांच में फ्रैक्चर की पुष्टि होने के बाद उन्हें बीच सीरीज में ही ऑस्ट्रेलिया लौटना पड़ा था। इस चोट के कारण उनके टेस्ट सीरीज में खेलने को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि, इंगलिस के लिए राहत की बात यह रही कि उन्हें सर्जरी कराने की जरूरत नहीं पड़ी।
उनकी ताजा मेडिकल रिपोर्ट में सुधार के संकेत मिलने के बाद टीम में उनकी वापसी की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यदि वह समय रहते पूरी तरह फिट हो जाते हैं, तो दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। इंगलिस की वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। वह जरूरत पड़ने पर विकेटकीपर और बल्लेबाज, दोनों की भूमिका निभाने में सक्षम हैं। इससे टीम को परिस्थितियों के मुताबिक संयोजन तैयार करने में मदद मिल सकती है।

सैम हार्पर और निक मैडिनसन को भी मिला मौका
इंगलिस के चोटिल होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को टीम में अतिरिक्त खिलाड़ियों को शामिल करना पड़ा था। उनकी अनुपस्थिति में विकेटकीपिंग के विकल्प को मजबूत करने के लिए भारत दौरे पर गई ऑस्ट्रेलिया ए टीम से सैम हार्पर को बुलाया गया। इसके अलावा निक मैडिनसन को भी टीम में जगह दी गई। इन दोनों खिलाड़ियों को शामिल करने का उद्देश्य टीम में जरूरी संतुलन बनाए रखना था। टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर की भूमिका बेहद अहम होती है, क्योंकि उसे पूरे दिन मैदान पर सक्रिय रहना पड़ता है। वहीं, बल्लेबाजी क्रम में विकल्पों की उपलब्धता भी टीम की रणनीति को प्रभावित करती है।
इंगलिस की फिटनेस में सुधार से अब ऑस्ट्रेलियाई टीम को इन विकल्पों के बीच बेहतर फैसला लेने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, हार्पर और मैडिनसन को टीम में शामिल किए जाने के बाद उनकी भूमिका क्या होगी, यह चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने बताई इंगलिस की अहमियत
ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने जोश इंगलिस की चोट को टीम के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बताया। उनके अनुसार, इंगलिस के बाहर होने से टीम के संतुलन पर असर पड़ा था और उनकी जगह भरने के लिए एक के बजाय दो खिलाड़ियों को शामिल करना पड़ा। मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया कि इंगलिस की मौजूदगी से टीम को ज्यादा लचीलापन मिलता है। वह बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी उपलब्ध कराते हैं। उनके चोटिल होने के बाद टीम को बैकअप विकेटकीपर की व्यवस्था करनी पड़ी और इसी कारण अतिरिक्त खिलाड़ी को भी टीम में शामिल करना पड़ा।
कोच की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि इंगलिस टीम की योजनाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी वापसी से ऑस्ट्रेलिया को न केवल अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प मिल सकता है, बल्कि टीम संयोजन को लेकर भी अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है।










