अयोध्या मंडल में 110 करोड़ की 41 पर्यटन परियोजनाओं पर मंथन, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

अयोध्या मंडल में 110 करोड़ रुपये की 41 पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा हुई। धार्मिक पर्यटन, विरासत संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं के विकास पर सरकार ने जोर दिया।

अयोध्या मंडल में 110 करोड़ रुपये की 41 पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। सरकार का लक्ष्य धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यटक सुविधाओं और ऐतिहासिक स्थलों का समग्र विकास करना है।

अयोध्या: अयोध्या मंडल में पर्यटन विकास को गति देने के लिए प्रदेश सरकार ने 2026-27 की कार्ययोजना के तहत 110 करोड़ रुपये की 41 परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में धार्मिक पर्यटन, विरासत संरक्षण, पर्यटक सुविधाओं और प्रमुख मंदिरों के विकास को प्राथमिकता देने के साथ अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

41 परियोजनाओं के जरिए पर्यटन ढांचे को मिलेगा नया स्वरूप

प्रदेश सरकार अयोध्या मंडल को धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी उद्देश्य से पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित 41 परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इन योजनाओं की अनुमानित लागत करीब 110 करोड़ रुपये है।

बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटन विकास को अलग-अलग योजनाओं के बजाय एकीकृत मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

अयोध्या सहित पांच जिलों की परियोजनाओं पर फोकस

समीक्षा बैठक में अयोध्या, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर से जुड़ी पर्यटन परियोजनाओं पर विचार किया गया। इनमें सबसे अधिक प्रस्ताव अयोध्या जिले से जुड़े रहे।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी परियोजनाओं में पर्यटक सुविधा केंद्र, पार्किंग, संकेतक, विरासत संरक्षण और मूलभूत सुविधाओं का विकास आपसी समन्वय के साथ किया जाए। साथ ही प्रत्येक परियोजना की गुणवत्ता और भविष्य के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

हेरिटेज संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर

बैठक में अयोध्या के ऐतिहासिक जलकल भवन को 'परंपरा हेरिटेज बिल्डिंग' के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर विशेष चर्चा हुई। इसके अलावा श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद कार्यालय, पर्यटक सुविधा केंद्र, लता मंगेशकर चौक के सौंदर्यीकरण तथा भारत माता मंदिर, बौरा बाबा मठिया, प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर और आशा देवी मंदिर के विकास की योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

अमेठी में महादेव शंकर मंदिर, वीर बाबा मंदिर, राम जानकी मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास पर विचार हुआ। वहीं बाराबंकी, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर चर्चा की गई।

लोधेश्वर मंदिर और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट बने आकर्षण

बाराबंकी स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर में करीब 48.77 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजना की प्रगति संतोषजनक बताई गई। इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और मंदिर को धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।

वहीं अयोध्या में सरयू नदी पर तैयार किया जा रहा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट भी दीपोत्सव से पहले शुरू करने की तैयारी है। इसके संचालन से रिवरफ्रंट पर्यटन को नई पहचान मिलने के साथ पर्यटकों को एक अलग अनुभव मिलेगा।

संस्कृति और धर्मार्थ विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा

संस्कृति विभाग ने अंबेडकरनगर के रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण, अयोध्या में अमर शहीद जगदंबा प्रसाद पांडेय स्मारक, वैदिक शोध संस्थान और बाराबंकी में पद्मश्री बाबू के.डी. सिंह के पैतृक आवास को संग्रहालय के रूप में विकसित करने की प्रगति प्रस्तुत की।

इसके साथ ही धर्मार्थ कार्य विभाग ने रामपथ के आसपास पार्किंग सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक स्थलों के संरक्षण, पंचमुखी मंदिर, श्रवण क्षेत्र और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्ताव भी रखे। अधिकारियों ने सभी योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने और पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

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