Ayushman Card पर इलाज से इनकार हो तो ऐसे दर्ज करें शिकायत, जानें पूरा प्रोसेस

Ayushman Card पर इलाज से इनकार या जबरन भुगतान मांगे जाने पर CGRMS पोर्टल या 14555 हेल्पलाइन से शिकायत करें। जानें ऑनलाइन शिकायत का पूरा तरीका।

Ayushman Card होने के बावजूद अस्पताल इलाज देने से मना करे तो मरीज ऑनलाइन CGRMS पोर्टल या टोल-फ्री नंबर 14555 के जरिए शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत के लिए जरूरी दस्तावेज और अस्पताल की जानकारी पहले से तैयार रखना जरूरी है।

Ayushman Card Complaint: Ayushman Card धारकों को सूचीबद्ध अस्पतालों में तय नियमों के तहत मुफ्त इलाज का अधिकार मिलता है। यदि किसी अस्पताल द्वारा इलाज से इनकार किया जाता है या जबरन भुगतान कराया जाता है, तो मरीज घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकता है और उसकी स्थिति भी ट्रैक कर सकता है।

इलाज से इनकार होने पर पहले क्या करें

अस्पताल में आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं किया जाता या मुफ्त इलाज देने से मना किया जाता है, तो शिकायत दर्ज करने से पहले घटना से जुड़े जरूरी सबूत सुरक्षित रखना चाहिए। अस्पताल प्रशासन से इलाज न देने या कार्ड रिजेक्ट करने का कारण लिखित में मांगें। जिस डॉक्टर या स्टाफ ने इलाज से इनकार किया है, उसका नाम, घटना की तारीख और समय भी नोट कर लें।

अस्पताल की पर्ची, डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन, टेस्ट रिपोर्ट और अन्य मेडिकल दस्तावेज संभालकर रखें। अगर इलाज के लिए कोई भुगतान किया गया है, तो उसकी रसीद या बिल भी सुरक्षित रखें। इसके अलावा अस्पताल का सही नाम, ब्रांच और लोकेशन तथा मरीज का आयुष्मान कार्ड नंबर और जरूरी पहचान दस्तावेज अपने पास रखें। शिकायत दर्ज करते समय ये जानकारियां उपयोगी रहेंगी।

CGRMS पोर्टल से ऑनलाइन शिकायत कैसे करें

आयुष्मान कार्ड से जुड़े इलाज संबंधी मामले की शिकायत CGRMS PMJAY पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। इसके लिए सबसे पहले cgrms.pmjay.gov.in वेबसाइट पर जाएं। होमपेज के नीचे दिए गए Register Your Grievance विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद योजना के तौर पर PMJAY चुनें।

अब अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी जानकारी दर्ज करें। शिकायत की कैटेगरी में Hospital का विकल्प चुनकर संबंधित अस्पताल का नाम और अन्य जानकारी भरें। इसके बाद Grievance Description में पूरी घटना स्पष्ट रूप से लिखें। इसमें इलाज से इनकार का कारण, डॉक्टर या स्टाफ का नाम, तारीख और समय जैसी जानकारी शामिल करें।

इसके बाद अस्पताल की पर्ची, डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन, लिखित रिजेक्शन, बिल या अन्य संबंधित दस्तावेज अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर मिलने वाले शिकायत नंबर को सुरक्षित रख लें। इसी नंबर की मदद से बाद में शिकायत का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।

इंटरनेट नहीं है तो 14555 पर करें शिकायत

अगर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए इंटरनेट उपलब्ध नहीं है, तो आयुष्मान भारत की टोल-फ्री हेल्पलाइन 14555 पर कॉल किया जा सकता है। कॉल करने के बाद IVR के जरिए अपनी पसंदीदा भाषा चुनें और कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से बात करने का विकल्प चुनें।

एग्जीक्यूटिव को मरीज का नाम, आयुष्मान कार्ड नंबर और उस अस्पताल की पूरी जानकारी दें, जहां इलाज से इनकार किया गया। इसके बाद घटना की तारीख, इलाज न करने का कारण और संबंधित डॉक्टर या स्टाफ की जानकारी साझा करें। अगर अस्पताल ने कोई भुगतान लिया है या उसकी रसीद दी है, तो उसकी जानकारी भी शिकायत में दर्ज कराएं।

शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाले शिकायत नंबर को जरूर नोट करें। इसी नंबर के जरिए 14555 पर दोबारा संपर्क करके शिकायत पर हुई कार्रवाई और उसका स्टेटस जाना जा सकता है।

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