30 नवंबर को नीमली रोड पर देवली से आई बारात में सीट को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि दो युवकों ने चाकू से हमला कर दिया, जिसमें मनोज रैगर की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हुआ। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। अब पुलिस ने कड़ी तलाश के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की बारीकी से जांच जारी है।
Sawai Madhopur: सवाई माधोपुर में एक शादी समारोह उस समय तनाव और अफरा-तफरी में बदल गया, जब बारातियों के बीच हुआ छोटा-सा विवाद अचानक तीखा हो गया और हालात बिगड़ गए, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। इस पूरी वारदात के बाद फरार दो आरोपियों को कोतवाली थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी टोंक जिले में छिपे हुए थे, जहां टीम ने विशेष अभियान चलाकर उन्हें पकड़ा।
कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक पुत्र सुरेश बैरवा और मनोज पुत्र जगदीश मीणा, निवासी बंगाली कॉलोनी, देवली जिला टोंक के रूप में हुई है। घटना के बाद दोनों युवक लगातार पुलिस से बचने के प्रयास में थे। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर दोनों की लोकेशन टोंक जिले में ट्रेस की।
टीम ने कार्रवाई करते हुए दीपक बैरवा को टोंक के बस स्टैंड से दबोच लिया, जबकि मनोज मीणा को देवली कस्बे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से अलग-अलग ठिकानों पर छिपकर रह रहे थे, ताकि गिरफ्तारी से बच सकें।
यह था पूरा मामला
यह घटना 30 नवंबर की शाम सवाई माधोपुर के नीमली रोड पर हुई थी। देवली (जिला टोंक) से एक बारात सवाई माधोपुर आई थी। शादी का कार्यक्रम पूरा होने के बाद सभी बाराती लौटने के लिए बस में बैठ रहे थे। इसी दौरान बस में सीट को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।

सीट को लेकर शुरू हुई छोटी-सी बहसबाजी जल्द ही बड़े झगड़े में बदल गई। आरोपियों ने गुस्से में आकर अपने साथ रखे चाकू निकाल लिए और अचानक हमला कर दिया। चाकूबाजी में मनोज रैगर पुत्र बद्रीलाल रैगर निवासी देवली गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सवाई माधोपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जयपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान मनोज ने दम तोड़ दिया।
हमले में दूसरा व्यक्ति रवि पुत्र जगदीश निवासी देवली भी घायल हुआ था। उसका इलाज स्थानीय अस्पताल में किया गया।
घटना के बाद आरोपी फरार
मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन घटना के तुरंत बाद आरोपी दीपक और मनोज मौके से फरार हो गए थे। पुलिस कई दिनों से उनके ठिकानों पर दबिश दे रही थी, पर दोनों लगातार लोकेशन बदलते रहे।
थानाधिकारी मदनलाल के अनुसार मामला संवेदनशील था, क्योंकि मृतक और आरोपियों के परिवार देवली के रहने वाले हैं और आपसी समुदायिक माहौल भी तनावपूर्ण हो सकता था। इसके चलते पुलिस इस वारदात को प्राथमिकता से देख रही थी।
पुलिस ने जुटाए सबूत
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों, पुराने संपर्कों, सोशल मीडिया कनेक्शन और उनके संभावित रिश्तेदारों के ठिकानों की जांच की। मोबाइल स्विच ऑफ होने के बावजूद पुलिस ने तकनीकी इनपुट्स की मदद से उनकी गतिविधियों की दिशा पहचान ली। अंत में टोंक जिले में उनकी मौजूदगी की पक्की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि चाकू कहां से लाया गया, क्या पहले से कोई विवाद था, और झगड़े में और कौन-कौन शामिल था।
कोतवाली थानाधिकारी ने बताया कि इस मामले में जल्द ही चार्जशीट तैयार की जाएगी। साथ ही बारात में मौजूद अन्य लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।











