भाजयुमो की नई स्टेट कमेटी में सीकर जिले के पांच युवा नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं। आशीष कुल्हरी और राकेश कटराथल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया, जबकि निकिता शेखावत को ट्रेनिंग इंचार्ज की जिम्मेदारी मिली है। भाजपा ने कास्ट मैनेजमेंट पर भी फोकस किया।
सीकर: राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के साथ ही संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। करीब पांच महीने के इंतजार के बाद घोषित की गई इस नई स्टेट कमेटी में सीकर जिले के पांच युवा नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भाजपा नेतृत्व ने इसे युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशन में नई टीम का गठन किया। इस सूची में सीकर के आशीष कुल्हरी, राकेश कटराथल, निकिता शेखावत, आदित्य सिंघानिया और विजेंद्र माहवा को प्रमुख भूमिकाएं दी गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस नियुक्ति के जरिए युवाओं के साथ-साथ जातीय संतुलन साधने की रणनीति पर भी विशेष ध्यान दिया है।
सीकर के नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारियां
नई स्टेट कमेटी में सीकर जिले के दो युवा नेताओं आशीष कुल्हरी और राकेश कटराथल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। निकिता शेखावत को पूरे राजस्थान में भाजयुमो की ट्रेनिंग गतिविधियों का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं आदित्य सिंघानिया को प्रदेश मंत्री और विजेंद्र माहवा को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों के बाद सीकर जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और युवा मोर्चा समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं ने इसे जिले के राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक सक्रियता की बड़ी उपलब्धि बताया।
सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति
भाजपा की नई युवा मोर्चा टीम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा सामाजिक और जातीय संतुलन को लेकर हो रही है। पार्टी ने सीकर से चुने गए नेताओं में अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर व्यापक सामाजिक आधार मजबूत करने की कोशिश की है।
प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए आशीष कुल्हरी जाट समुदाय से आते हैं, जिसे राजस्थान की राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है। वहीं दूसरे उपाध्यक्ष राकेश कटराथल अनुसूचित जाति (SC) वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
निकिता शेखावत राजपूत समाज से जुड़ी हैं और उन्हें ट्रेनिंग इंचार्ज बनाकर महिला नेतृत्व को भी मजबूत संदेश देने की कोशिश की गई है। विजेंद्र माहवा गुर्जर समाज से आते हैं, जबकि आदित्य सिंघानिया महाजन समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए युवाओं के बीच मजबूत सामाजिक नेटवर्क तैयार करने में जुटी है। राजस्थान जैसे राज्य में जातीय समीकरण चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं और भाजपा की यह नियुक्तियां उसी दिशा में एक संतुलित प्रयास मानी जा रही हैं।
आशीष कुल्हरी पर संगठन का मजबूत भरोसा
नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा आशीष कुल्हरी की नियुक्ति को लेकर हो रही है। वर्तमान में वह भाजयुमो के सीकर जिला महामंत्री के रूप में काम कर रहे हैं और छात्र राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
आशीष कुल्हरी पहले सीकर की प्रसिद्ध एसके कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उस समय कॉलेज परिसर में वामपंथी छात्र संगठन SFI का लंबे समय तक प्रभाव रहा था, लेकिन आशीष कुल्हरी ने ABVP के समर्थन से छात्रसंघ चुनाव जीतकर संगठन को नई पहचान दिलाई थी।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि छात्र राजनीति से लेकर संगठनात्मक गतिविधियों तक उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है।
राकेश कटराथल की संगठनात्मक पहचान
प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए राकेश कटराथल भी छात्र संगठन और युवा राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में वह ABVP में संगठन मंत्री की भूमिका निभा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा युवाओं और छात्र संगठनों से जुड़े नेताओं को आगे लाकर भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है। राकेश कटराथल की नियुक्ति इसी दिशा में अहम मानी जा रही है।

निकिता शेखावत को बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी
नई कमेटी में निकिता शेखावत को प्रदेशभर में होने वाली ट्रेनिंग गतिविधियों का प्रभारी बनाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा लंबे समय से अपने कैडर आधारित संगठन मॉडल को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग पर जोर देती रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिला नेतृत्व को मजबूत करने और युवा कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से तैयार करने के लिए यह पद बेहद अहम होता है। निकिता शेखावत की नियुक्ति से भाजपा ने महिला भागीदारी को लेकर भी सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है।
आदित्य सिंघानिया और विजेंद्र माहवा को भी बड़ी भूमिका
प्रदेश मंत्री बनाए गए आदित्य सिंघानिया भाजपा के पुराने राजनीतिक परिवार से आते हैं। वह पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सिंघानिया के पुत्र हैं और पहले युवा मोर्चा में जिला मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
वहीं विजेंद्र माहवा को प्रदेश प्रवक्ता बनाकर भाजपा ने संगठन में गुर्जर समुदाय की भागीदारी को भी मजबूत करने का प्रयास किया है। वर्तमान में वह युवा मोर्चा के सवाई माधोपुर जिला प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं।
प्रदेश प्रवक्ता का पद संगठन में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह भूमिका पार्टी की नीतियों और राजनीतिक रुख को जनता तक पहुंचाने से जुड़ी होती है।
राजस्थान भाजपा में युवा नेतृत्व को बढ़ावा
भाजयुमो की नई टीम को भाजपा के भविष्य की राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजस्थान में आने वाले समय में स्थानीय निकाय, छात्रसंघ और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
भाजपा लंबे समय से छात्र राजनीति और युवा संगठनों को अपने कैडर निर्माण का मजबूत आधार मानती रही है। नई नियुक्तियों से यह संकेत भी मिला है कि पार्टी जमीनी स्तर पर सक्रिय और संगठन के प्रति वफादार कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की नीति पर कायम है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल
सीकर जिले में नई नियुक्तियों के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की। कई जगहों पर युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और सोशल मीडिया पर नए पदाधिकारियों को बधाई दी।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि नई टीम से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी। साथ ही युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा भी मिलेगी।










