भारत-बांग्लादेश संबंध: पड़ोसी देश के विदेश मंत्री करेंगे नई दिल्ली का दौरा, 5 प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा

Bangladesh के विदेश मंत्री का आगामी दौरा New Delhi में भारत-बांग्लादेश संबंधों को और मजबूत करेगा। इस दौरे में 5 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें व्यापार

बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से निष्कासन के बाद और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान नई दिल्ली और ढाका के रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे।
फरवरी में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार की कोशिशें शुरू हुई हैं। 

नई दिल्ली: बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अगले सप्ताह नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाना, द्विपक्षीय संबंधों को सुधारना और आपसी सहयोग को मजबूत करना बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह उच्च स्तरीय बैठक 8 अप्रैल को हो सकती है, हालांकि बांग्लादेश विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा बीएनपी सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत की ओर से बांग्लादेश के साथ पहली उच्च स्तरीय वार्ता होगी। पिछली सरकार के समय भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में अविश्वास और तनाव देखा गया था। लेकिन नई सरकार के गठन के बाद दोनों पक्षों ने सहयोग और आपसी सम्मान बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

5 प्रमुख एजेंडे

भारत-बांग्लादेश संबंध: पड़ोसी देश के विदेश मंत्री करेंगे नई दिल्ली का दौरा, 5 प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा

बांग्लादेश के विदेश मंत्री के दौरे के दौरान पांच महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है:

  1. ऊर्जा सहयोग: दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में चर्चा करेंगे। भारत की ऊर्जा तकनीक और बांग्लादेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए दोनों पक्ष ऊर्जा साझेदारी के नए रास्ते तलाश सकते हैं।
  2. गंगा जल संधि का नवीनीकरण: भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को गंगा जल संधि हुई थी। यह संधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। इस बैठक में संधि के विस्तार और नवीनीकरण पर विशेष चर्चा होने की संभावना है, ताकि दोनों देशों के बीच जल संसाधनों का न्यायपूर्ण और स्थायी बंटवारा सुनिश्चित किया जा सके।
  3. सीमा प्रबंधन: सीमा सुरक्षा और मानव गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के अधिकारी आपसी समन्वय बढ़ाने पर विचार करेंगे। सीमा पर अवैध गतिविधियों और तस्करी को रोकने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है।
  4. वीज़ा और यात्रा नीतियां: बांग्लादेश की ओर से वीज़ा नीतियों और यात्रा प्रतिबंधों का मुद्दा उठ सकता है। जुलाई 2024 से सुरक्षा कारणों से बांग्लादेशियों के लिए पर्यटक वीज़ा निलंबित हैं। दोनों देश इस पर आपसी सहमति के साथ समाधान तलाशने की कोशिश करेंगे।
  5. प्रधानमंत्री की संभावित भारत यात्रा: बैठक में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान की भारत यात्रा की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तारिक रहमान और उनके परिवार को भारत आने का आमंत्रण दिया था।

हिंद महासागर सम्मेलन में भी सहयोग की संभावना

दोनों विदेश मंत्री 10 से 12 अप्रैल तक मॉरीशस में आयोजित होने वाले 9वें हिंद महासागर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। इस सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और व्यापारिक मुद्दों पर द्विपक्षीय संवाद को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। बांग्लादेश में शेख हसीना के निष्कासन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान भारत-बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण रहे। 

फरवरी में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से दोनों देशों ने रिश्तों को सुधारने की पहल की। इस दौरे को इस रणनीतिक सुधार का पहला उच्च स्तरीय कदम माना जा रहा है।

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