भारत ने पहले वनडे में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर सीरीज में शानदार शुरुआत की। कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं डेब्यू कर रहे गुरनूर और हर्ष ने तीन-तीन विकेट लेकर अफगान बल्लेबाजी को संभलने नहीं दिया।
Ind vs Afg First ODI: भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज करते हुए पहला मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। बारिश से प्रभावित इस मैच को 25-25 ओवर का कर दिया गया था, लेकिन भारतीय टीम ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 13 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 84 रन की कप्तानी पारी खेली, जबकि डेब्यू कर रहे गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने गेंदबाजी में प्रभावित करते हुए तीन-तीन विकेट अपने नाम किए।
इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और अब उसकी नजर 17 जून को लखनऊ में खेले जाने वाले दूसरे वनडे पर होगी। मैच में भारत के लिए सबसे सकारात्मक पहलू युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा, जिन्होंने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
गुरबाज के तूफानी शतक ने संभाली अफगानिस्तान की पारी
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को शुरुआती झटके देकर दबाव में ला दिया था। डेब्यू कर रहे गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी करते हुए शीर्ष क्रम को परेशान किया।
अफगानिस्तान ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए, लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने केवल 51 गेंदों में 102 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 8 छक्के शामिल थे।
गुरबाज ने मात्र 48 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अफगानिस्तान की ओर से वनडे क्रिकेट का सबसे तेज शतक है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरा स्थान हासिल किया। उनसे आगे केवल पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी हैं, जिन्होंने 2005 में 45 गेंदों में शतक लगाया था।
गुरबाज और कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी के बीच 116 रन की साझेदारी ने अफगानिस्तान को मुकाबले में बनाए रखा। शाहिदी ने 27 रन का योगदान दिया, जबकि अजमतुल्लाह उमरजई ने 26 रन की उपयोगी पारी खेली।
हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में शानदार वापसी करते हुए अफगानिस्तान को 24.5 ओवर में 194 रन पर समेट दिया।
डेब्यू मैच में चमके गुरनूर बरार और हर्ष दुबे
भारत की गेंदबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा दो नए चेहरों की रही। अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहे गुरनूर बरार ने 5 ओवर में केवल 23 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। उन्होंने शुरुआत में इब्राहिम जादरान को आउट किया और अंतिम ओवर में दो विकेट लेकर अफगानिस्तान की पारी समाप्त की।
दूसरी ओर हर्ष दुबे ने भी अपने डेब्यू को यादगार बना दिया। उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर अफगानिस्तान की मध्यक्रम बल्लेबाजी को झटका दिया। शाहिदी और अजमतुल्लाह उमरजई जैसे अहम बल्लेबाजों के विकेट लेकर उन्होंने चयनकर्ताओं का विश्वास सही साबित किया।

अर्शदीप सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी दो-दो विकेट लेकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण ने गुरबाज के शतक के बावजूद अफगानिस्तान को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
रोहित-गिल ने दी मजबूत शुरुआत
195 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत थोड़ी चिंताजनक रही जब पहले ही ओवर में रोहित शर्मा की कलाई पर गेंद लगी। हालांकि उन्होंने उपचार के बाद बल्लेबाजी जारी रखी और टीम को तेज शुरुआत दिलाई।
रोहित ने 16 रन बनाए और इस दौरान बतौर ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16,000 रन पूरे करने का बड़ा कीर्तिमान भी हासिल किया। हालांकि एक गलतफहमी के कारण वे रनआउट होकर पवेलियन लौट गए।
रोहित के आउट होने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने पारी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए अफगान गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
शुभमन गिल का कप्तानी शतक से चूका लेकिन मैच जिताऊ प्रदर्शन
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 66 गेंदों में नाबाद 84 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में आकर्षक चौके और छक्के देखने को मिले। गिल ने केवल 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी दौरान वनडे क्रिकेट में अपने 3000 रन भी पूरे किए।
गिल ने पूरे मैच में शानदार नेतृत्व का परिचय दिया। बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने मैदान पर दो महत्वपूर्ण कैच भी पकड़े। उनके हरफनमौला प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
हाल के वर्षों में गिल भारत के सबसे भरोसेमंद वनडे बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। जनवरी 2025 के बाद वनडे क्रिकेट में उनके बल्ले से 625 से अधिक रन निकल चुके हैं, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।
ईशान किशन और केएल राहुल ने निभाई अहम भूमिका
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 22 गेंदों में 34 रन बनाकर रनगति बनाए रखी। हालांकि राशिद खान ने उन्हें बोल्ड कर अफगानिस्तान को वापसी का मौका दिलाया।
श्रेयस अय्यर ज्यादा देर टिक नहीं सके और 12 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल ने कप्तान गिल का साथ निभाया और नाबाद 39 रन की उपयोगी पारी खेली।
राहुल ने अंत में तेजी से रन बनाते हुए मैच भारत की झोली में डाल दिया। 22वें ओवर में उन्होंने लगातार बड़े शॉट लगाकर मुकाबले को लगभग खत्म कर दिया। अंततः भारत ने 22.5 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
युवा खिलाड़ियों ने बढ़ाई टीम इंडिया की ताकत
इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा। गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने डेब्यू मैच में प्रभाव छोड़ा, जबकि शुभमन गिल ने कप्तान के रूप में परिपक्वता दिखाई।
विराट कोहली की अनुपस्थिति में भारतीय बल्लेबाजी की जिम्मेदारी गिल, रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर थी, और टीम ने चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। टीम प्रबंधन के पास अब ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और अन्य युवा खिलाड़ियों के रूप में कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं।
दूसरे वनडे पर नजर
पहले मैच में शानदार जीत के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है। अब दोनों टीमें 17 जून को लखनऊ में दूसरे वनडे में आमने-सामने होंगी। अफगानिस्तान सीरीज में वापसी की कोशिश करेगा, जबकि भारत जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
धर्मशाला में खेले गए पहले मुकाबले ने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय टीम भविष्य की तैयारियों के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की अपनी रणनीति पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। शुभमन गिल की कप्तानी, युवा गेंदबाजों का आत्मविश्वास और बल्लेबाजी की गहराई भारत के लिए इस सीरीज में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।











