एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में एनालेना बेयरबॉक से मुलाकात की, जो संयुक्त राष्ट्र महासभा की वर्तमान अध्यक्ष हैं। इस बैठक के दौरान कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें यूएन80 पहल, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात शामिल रहे।
नई दिल्ली: भारत की राजधानी नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक के दौरान एस. जयशंकर और संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक के बीच कई वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस मुलाकात को वैश्विक सहयोग, बहुपक्षवाद और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
बैठक में पश्चिम एशिया के हालात, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
वैश्विक चुनौतियों पर साझा चिंता
एनालेना बेयरबॉक ने बैठक के दौरान कहा कि वर्तमान समय में दुनिया कई जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन, महामारी के प्रभाव और आर्थिक अस्थिरता प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि आज किसी भी क्षेत्र में होने वाली घटना का प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखने को मिलता है। ऐसे में देशों के बीच सहयोग और संवाद पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।
बैठक के दौरान एस. जयशंकर और एनालेना बेयरबॉक ने संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक संस्थाओं को वर्तमान समय की चुनौतियों के अनुरूप अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जाना चाहिए, खासकर ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए।
भारत की भूमिका की सराहना

एनालेना बेयरबॉक ने वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत ने पिछले 80 वर्षों में वैश्विक शांति और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बैठक के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि भारत ने 1948 से अब तक 50 से अधिक शांति अभियानों में तीन लाख से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है।इन अभियानों में 180 से अधिक भारतीय शांति सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
AI और तकनीक के प्रभाव पर चर्चा
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों के वैश्विक प्रभाव पर भी विचार किया गया। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ उसके नैतिक और सामाजिक पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। इस संदर्भ में वैश्विक स्तर पर सहयोग और नियमों के निर्माण की आवश्यकता पर सहमति बनी।










