हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026: तीन चरणों में होंगे मतदान, देखें पूरा चुनाव शेड्यूल

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। मतदान प्रक्रिया, तारीखें और चुनाव व्यवस्था को लेकर पूरी जानकारी सामने आ गई है। जानें इस

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर आधिकारिक घोषणा हो चुकी है, जिसके साथ ही राज्य में चुनावी माहौल तेज हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। 

शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य की 3754 पंचायतों के लिए यह चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया 7, 8 और 11 मई को सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक चलेगी। इसके बाद 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।

उम्मीदवार 14 मई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे, जबकि 15 मई को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान निर्धारित तिथियों पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा।

तीन चरणों में होगा मतदान

राज्य निर्वाचन अधिकारी अनिल खाची के अनुसार, पहले चरण का मतदान 26 मई, दूसरे चरण का 28 मई और तीसरे चरण का मतदान 30 मई 2026 को कराया जाएगा। सभी चरणों में मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। मतदान के तुरंत बाद ही प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्यों के वोटों की गिनती उसी दिन कर ली जाएगी, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए मतगणना 31 मई को सुबह 9 बजे से विकास खंड मुख्यालयों में होगी।

नामांकन से लेकर चुनाव चिन्ह तक का शेड्यूल

चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आयोग ने पूरा कार्यक्रम जारी किया है।

  • नामांकन दाखिल करने की तिथि: 7, 8 और 11 मई
  • नामांकन पत्रों की जांच: 12 मई
  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 14 मई
  • चुनाव चिन्ह आवंटन: 15 मई

यह शेड्यूल उम्मीदवारों को तैयारी और रणनीति बनाने का पर्याप्त समय देता है।

कितने पदों पर होंगे चुनाव

इस बार पंचायत चुनावों में कुल 31,000 से अधिक पदों पर चुनाव कराए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:

  • 3754 पंचायत प्रधान
  • 3754 उप-प्रधान
  • 21,654 वार्ड सदस्य
  • 1,769 पंचायत समिति सदस्य
  • 251 जिला परिषद सदस्य

हालांकि कुल्लू जिले की चार पंचायतों को छोड़कर राज्य की लगभग सभी पंचायतों में मतदान होगा।

महिलाओं और आरक्षित वर्गों के लिए विशेष प्रावधान

इस चुनाव में सामाजिक समावेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है। बड़ी संख्या में सीटें आरक्षित की गई हैं, जिनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग शामिल हैं। महिलाओं के लिए भी बड़ी संख्या में सीटें आरक्षित हैं। कुल मिलाकर लगभग 15,656 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जो स्थानीय शासन में उनकी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश में इस बार कुल 50 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है, जो लोकतांत्रिक भागीदारी का सकारात्मक संकेत है। राज्यभर में 21,000 से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि लाहौल-स्पीति जिले में दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्रों में से एक भी स्थापित किया गया है, जो लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

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