भारत-US Trade Deal पर जल्द लगेगी मुहर, वार्ता के लिए टीम अमेरिका रवाना

भारत-अमेरिका Trade Deal अंतिम चरण में। 25% टैरिफ घटाकर 18% करने की तैयारी, मार्च तक समझौते पर हस्ताक्षर संभव। जीरो टैरिफ पर भी चर्चा जारी।

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित Trade Deal अंतिम चरण में है। 25 प्रतिशत टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी चल रही है। मार्च तक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर समझौते पर हस्ताक्षर संभव हैं।

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित Trade Deal अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। दोनों देशों के बीच 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान के आधार पर अब एक कानूनी समझौते का मसौदा तैयार किया जा रहा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जानकारी दी कि भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले हफ्ते अमेरिका जाएंगे, ताकि इस अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके।

सरकार की कोशिश है कि मार्च तक सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए जाएं। हालांकि कुछ तकनीकी और कानूनी मुद्दों पर अभी बातचीत जारी है।

25 प्रतिशत टैरिफ में कटौती की तैयारी

इस डील का सबसे अहम पहलू टैरिफ में कमी है। अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाले कुछ सामान पर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। अब इसे घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह कटौती इसी हफ्ते लागू हो सकती है।

राजेश अग्रवाल ने बताया कि 27 अगस्त से जो 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था, उसे पहले ही हटा लिया गया है। यह अतिरिक्त शुल्क रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण दंड स्वरूप लगाया गया था। अब दूसरा 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ भी घटाने की प्रक्रिया में है।

यदि किसी कारणवश देरी होती है तो भारतीय टीम अमेरिका में जाकर इस पर स्पष्टता लाएगी।

संयुक्त बयान से कानूनी समझौते तक

7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान दरअसल एक फ्रेमवर्क डील थी, जिसमें समझौते की रूपरेखा तय की गई थी। अब उसी रूपरेखा को एक औपचारिक और बाध्यकारी कानूनी दस्तावेज में बदला जा रहा है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि दोनों देश इस दस्तावेज को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। एक बार साइन होने के बाद ही सभी रियायतें लागू होंगी। फिलहाल कानूनी मसौदे को लेकर दोनों पक्षों के बीच गहन चर्चा जारी है।

जीरो टैरिफ कब होगा लागू

कुछ चुनिंदा उत्पादों पर जीरो टैरिफ की भी संभावना है। लेकिन यह सुविधा तभी लागू होगी जब दोनों देश औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगे। भारत की ओर से भी टैरिफ में कोई कटौती या बाजार तक अतिरिक्त पहुंच तभी दी जाएगी, जब समझौता आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि फिलहाल कोई भी रियायत केवल बातचीत के स्तर पर है।

भारतीय टीम की अमेरिका यात्रा

मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अपनी टीम के साथ अगले हफ्ते अमेरिका जाएंगे। उनका उद्देश्य कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाए। हालांकि सटीक तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है, क्योंकि कुछ बिंदुओं पर सहमति बननी बाकी है। फिर भी संकेत मिल रहे हैं कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

एक साल की लंबी बातचीत का परिणाम

यह अंतरिम व्यापार समझौता करीब एक साल की लंबी बातचीत का नतीजा है। दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद 7 फरवरी को संयुक्त बयान जारी किया गया था। उस बयान में अमेरिकी टैरिफ को भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही गई थी। साथ ही कुछ उत्पादों पर जीरो ड्यूटी, बाजार खोलने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के कदमों का जिक्र था।

पीयूष गोयल ने बताया ऐतिहासिक कदम

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस संभावित डील को ऐतिहासिक और संतुलित बताया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, करीब 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार में भारतीय निर्यात के लिए नए अवसर खुलेंगे।

उनके मुताबिक इस समझौते से भारतीय एमएसएमई, किसान, मछुआरे, युवा, महिलाएं और स्टार्टअप को बड़ा लाभ मिलेगा। यह डील केवल व्यापार तक सीमित नहीं होगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए रास्ते भी खोलेगी।

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