भारतीय एथलीट के. एम. दीक्षा डोप टेस्ट में फेल, राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी धाविका पर मंडराया निलंबन का खतरा

राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धाविका K. M. Deeksha डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं, जिसके बाद उनके करियर पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद उनके

K. M. Deeksha डोप परीक्षण में विफल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, 27 वर्षीय दीक्षा, जो महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी और राष्ट्रीय खेलों में रजत पदक विजेता रह चुकी हैं, एक प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाई गई हैं।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय एथलेटिक्स को एक बड़ा झटका लगा है। महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी और राष्ट्रीय खेलों की पदक विजेता के. एम. दीक्षा डोपिंग जांच में कथित रूप से विफल पाई गई हैं। सूत्रों के अनुसार, 27 वर्षीय एथलीट के नमूने में एक प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी पाई गई है, जिसके बाद उनके खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

हालांकि संबंधित एजेंसियों की ओर से अभी तक मामले का विस्तृत आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने भारतीय एथलेटिक्स जगत में चिंता बढ़ा दी है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो दीक्षा को अस्थायी या दीर्घकालिक निलंबन का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनके प्रतिस्पर्धी करियर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

भारतीय एथलेटिक्स की प्रमुख धाविकाओं में रही हैं शामिल

के. एम. दीक्षा पिछले कुछ वर्षों में भारतीय मध्य दूरी दौड़ की सबसे चर्चित एथलीटों में शामिल रही हैं। उन्होंने मई 2024 में महिलाओं की 1500 मीटर स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया था। उनके प्रदर्शन ने उन्हें देश की शीर्ष धाविकाओं में शामिल कर दिया था और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी एक मजबूत दावेदार माना जा रहा था।

राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने के बाद दीक्षा से भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन ताजा डोपिंग विवाद ने उनके खेल करियर पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

डोपिंग जांच में क्या सामने आया?

सूत्रों के अनुसार, दीक्षा एक प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाई गई हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नमूने में किस प्रकार का पदार्थ पाया गया और परीक्षण कब लिया गया था। एंटी-डोपिंग मामलों में आमतौर पर खिलाड़ी को नमूने के बी-टेस्ट का अधिकार दिया जाता है। अंतिम निर्णय संबंधित जांच प्रक्रिया और सुनवाई के बाद ही लिया जाता है। इसलिए फिलहाल मामले को आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है और अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे।

दीक्षा हाल ही में रांची में आयोजित फेडरेशन कप में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। यह प्रतियोगिता आगामी राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही थी। भारतीय एथलेटिक्स अधिकारियों ने कुछ योग्य खिलाड़ियों को अतिरिक्त अवसर प्रदान करने के लिए इंडियन एथलेटिक्स सीरीज के आगामी चरणों में भी क्वालिफिकेशन हासिल करने की सुविधा दी थी। हालांकि, डोपिंग मामले के सामने आने के बाद दीक्षा की भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति अनिश्चित हो गई है।

इस वर्ष अप्रैल में दीक्षा ने जयपुर में आयोजित इंडियन ओपन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। उन्होंने महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में जीत दर्ज की, लेकिन उनका समय अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्वालिफिकेशन मानकों से काफी पीछे रहा।

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