भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप में चीन को हराकर जीता गोल्ड

भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड कप में चीन को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत ने देश को गर्व से भर दिया है और

Deepika Kumari, Ankita Bhakat और Kumkum Mohod की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहराया है। Archery World Cup के दूसरे चरण में भारत ने मेजबान China को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम की तिकड़ी — Deepika Kumari, Ankita Bhakat और Kumkum Moirangthem — ने बेहतरीन संयम और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। 

भारत ने शूट-ऑफ में 5-4 (28-26) से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। यह जीत भारतीय महिला तीरंदाजी के लिए पिछले तीन वर्षों में पहला विश्व कप पदक भी है, जिससे टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा है।

फाइनल मुकाबला: उतार-चढ़ाव से भरा रोमांच

फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें भारत ने शुरुआत मजबूत की और पहला सेट जीत लिया। हालांकि, चीन ने शानदार वापसी करते हुए अगले सेटों में मुकाबला बराबर कर दिया। पहले सेट में भारत ने 54-53 से बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे सेट में चीन ने सटीक निशाने लगाकर 55-52 से जीत हासिल की और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।

तीसरे सेट में चीन ने 57-56 से बढ़त बनाई, जिससे भारत पर दबाव बढ़ गया। चौथे सेट में भारतीय टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन स्कोर बराबरी पर रहने के कारण मुकाबला शूट-ऑफ में पहुंच गया।

शूट-ऑफ में दीपिका की निर्णायक भूमिका

निर्णायक शूट-ऑफ में भारतीय टीम ने शानदार संयम दिखाया। अंकिता भकत ने 9 अंक के साथ शुरुआत की, जबकि 17 वर्षीय कुमकुम ने दबाव में 10 अंक का बेहतरीन शॉट लगाया। अंतिम और निर्णायक तीर में अनुभवी तीरंदाज दीपिका कुमारी ने 9 अंक लगाकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। उनके शांत और सटीक प्रदर्शन ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।

दीपिका का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने दबाव के क्षणों में टीम का नेतृत्व किया और लगातार युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया। भारत ने फाइनल तक पहुंचने के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने रिकॉर्ड 10 बार की ओलंपिक चैंपियन South Korea को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस जीत ने न केवल टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि विश्व तीरंदाजी में भारत की मजबूत स्थिति को भी साबित किया।

दीपिका कुमारी का अनुभव बना टीम की ताकत

अनुभवी तीरंदाज दीपिका कुमारी का यह सातवां विश्व कप टीम गोल्ड पदक है। इससे पहले उन्होंने 2010 से अब तक कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को पदक दिलाए हैं। इस टूर्नामेंट में टीम बिना पूर्णकालिक राष्ट्रीय कोच के उतरी थी, ऐसे में दीपिका ने न केवल अपने प्रदर्शन से बल्कि नेतृत्व क्षमता से भी टीम को संभाला। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित किया और दबाव के क्षणों में संतुलन बनाए रखा।

भारत का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि देश की महिला तीरंदाजी टीम लगातार मजबूत हो रही है। इससे पहले 2021 में भारत ने विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था और अब तीन साल बाद फिर से यह उपलब्धि हासिल की गई है।

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