भारतीय फुटबॉल इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है। इंडियन सुपर लीग (ISL) का आयोजन होगा या नहीं, इसे लेकर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है और लीग अनिश्चितताओं के घेरे में फंसी हुई है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय फुटबॉल इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। देश की प्रमुख फुटबॉल लीग इंडियन सुपर लीग (ISL) का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है और अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आगामी सीजन का आयोजन होगा या नहीं। इस असमंजस की स्थिति ने न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ियों को अब FIFA से मदद की अपील करनी पड़ी है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील छेत्री, अनुभवी गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू और डिफेंडर संदेश झिंगन सहित कई प्रमुख खिलाड़ियों ने सार्वजनिक रूप से वैश्विक फुटबॉल संस्था से आग्रह किया है कि वह भारत में फुटबॉल की बिगड़ती स्थिति पर हस्तक्षेप करे।
खिलाड़ियों की चिंता: भय और हताशा का माहौल
सुनील छेत्री ने मौजूदा हालात पर गहरी निराशा जताते हुए कहा, यह जनवरी का महीना है और इस वक्त हमें इंडियन सुपर लीग में खेलते हुए आपकी टीवी स्क्रीन पर नजर आना चाहिए था। उनका कहना है कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और फैंस सभी को लीग के भविष्य को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।वहीं गुरप्रीत सिंह संधू ने कहा कि मैदान पर उतरने के बजाय खिलाड़ी इस समय डर और असमंजस की स्थिति में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि लीग की अनिश्चितता के कारण खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति और करियर दोनों पर असर पड़ रहा है।
संदेश झिंगन ने भी इस चिंता का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय फुटबॉल को स्थिरता की जरूरत है और मौजूदा हालात खेल के विकास में बड़ी बाधा बन सकते हैं।

AIFF और क्लबों के बीच अटका मामला
बीते गुरुवार को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को इंडियन सुपर लीग की लगभग सभी फ्रेंचाइजी क्लबों की ओर से एक संयुक्त पत्र मिला। इस पत्र में क्लबों ने स्पष्ट किया कि वे टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी भागीदारी कुछ अहम शर्तों पर निर्भर करेगी। क्लबों ने AIFF से वित्तीय और प्रशासनिक आश्वासन की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक संघ की ओर से संतोषजनक गारंटी नहीं दी जाती, तब तक लीग में हिस्सा लेना जोखिम भरा होगा।
क्लबों की प्रमुख मांगें
आईएसएल क्लबों ने अपनी चिंताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि:
- टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए कोई लीग प्रशासनिक शुल्क नहीं लिया जाए
- सीजन की अवधि कम होने के कारण बढ़ने वाली परिचालन लागत की पूरी जिम्मेदारी AIFF उठाए
- लीग के संचालन और वित्तीय ढांचे को लेकर दीर्घकालिक स्पष्टता दी जाए
क्लबों का मानना है कि बिना इन आश्वासनों के लीग का सफल आयोजन संभव नहीं होगा। इंडियन सुपर लीग की शुरुआत 2013 में हुई थी और यह जल्द ही भारत की सबसे लोकप्रिय फुटबॉल लीग बन गई। इसने भारतीय फुटबॉल को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। लीग का अब तक का आखिरी सीजन 2024–25 में खेला गया था।










