आज, 8 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। BSE Sensex करीब 2,983 अंक यानी लगभग 4% की बढ़त के साथ 77,599.66 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी लगभग 889 अंकों की मजबूती के साथ 24,012.95 पर पहुंच गया।
बिजनेस न्यूज़: आज, 8 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। BSE सेंसेक्स करीब 2,983 अंक, यानी लगभग 4% की तेजी के साथ 77,599.66 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 भी करीब 889 अंकों की मजबूती के साथ 24,012.95 पर पहुंच गया। इस रैली ने निवेशकों के दिलों में उत्साह भर दिया और मार्केट कैप में भारी उछाल दर्ज किया।
विश्लेषकों के अनुसार इस तेजी का सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबर रही। भू-राजनीतिक तनाव कम होते ही वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। इसका सीधा फायदा भारतीय शेयर बाजार को मिला।
दिनभर का बाजार मूवमेंट
सुबह 9:15 बजे बाजार ने मजबूत शुरुआत की और खुलते ही तेजी के संकेत मिले। 9:30 बजे हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन खरीदारी जल्दी लौट आई। 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बाजार लगातार मजबूती दिखाता रहा और निफ्टी 24,000 के करीब पहुंच गया। दोपहर के बाद एक बार फिर तेजी देखने को मिली और बाजार दिन के उच्चतम स्तर के आसपास बंद हुआ। यह निवेशकों के मजबूत भरोसे और बाजार में सकारात्मक सेंटीमेंट का संकेत देता है।
निवेशकों की झोली में ₹15 लाख करोड़

आज की रैली के दौरान मार्केट कैप में भारी उछाल आया। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों को इस तेजी से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। यह लाभ केवल बड़े निवेशकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो भी मजबूत हुए। आज के टॉप गेनर्स में इंटरग्लोब एविएशन लगभग 10% की तेजी के साथ सबसे आगे रहा।
इसके अलावा एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और एमएंडएम में भी शानदार खरीदारी देखी गई। वहीं, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड जैसे शेयर दबाव में रहे और लूजर्स की सूची में शामिल हुए। ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। विशेष रूप से बैंकिंग शेयरों में मजबूती ने पूरे बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई।
मजबूत रैली के पीछे 7 बड़े कारण
- अमेरिका-ईरान सीजफायर की खबर
- कच्चे तेल में गिरावट
- वैश्विक बाजारों में तेजी
- मजबूत भारतीय रुपया
- RBI की स्थिर पॉलिसी
- वैल्यू बाइंग (मूल्य पर खरीदारी)
- घटती वोलैटिलिटी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं, तो भारतीय बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। बाजार की अगली दिशा Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति और महंगाई-ग्रोथ संकेतों पर निर्भर करेगी।









