भोजशाला में शुक्रवार को अखंड पूजा शुरू, हाईकोर्ट फैसले के बाद नमाज पर रोक

धार की भोजशाला में हाईकोर्ट फैसले के बाद शुक्रवार को अखंड पूजा और भजन-कीर्तन हुआ। प्रशासन ने कमाल मौला मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी।

धार की भोजशाला में एमपी हाईकोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को हिंदू समाज ने अखंड पूजा और भजन-कीर्तन किया। प्रशासन ने परिसर स्थित कमाल मौला मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

धार: भोजशाला परिसर में शुक्रवार को पहली बार केवल हिंदू समाज द्वारा अखंड पूजा और भजन-कीर्तन किया गया। एमपी हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद प्रशासन ने कमाल मौला मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी। सुबह से ही धार और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां वाग्देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।


हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदला माहौल

एमपी हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला परिसर का माहौल पूरी तरह बदला नजर आया। शुक्रवार को परिसर में सुबह से ही जय सियाराम के जयकारे और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दी। बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना और आरती में शामिल हुए।

प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था की। आसपास के जिलों से भी लोग भोजशाला पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।

कमाल मौला मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं

सालों से चली आ रही व्यवस्था के तहत मंगलवार को हिंदू समाज को पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति दी जाती थी। लेकिन हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद प्रशासन ने इस शुक्रवार को कमाल मौला मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी।

बताया जा रहा है कि बीते शुक्रवार को कोर्ट के फैसले से पहले मुस्लिम समाज के लोगों ने यहां नमाज अदा की थी। इस बार परिसर में केवल पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन हुए।

विधायक और आंदोलनकारी भी पहुंचे

भाजपा विधायक नीना वर्मा भी भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने मां वाग्देवी के तैल चित्र के दर्शन कर पूजा की और भोजशाला आंदोलन से जुड़े विमल गोधा से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।

परिसर में अलग-अलग भजन मंडलियों द्वारा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालु भजन-कीर्तन के साथ पूजा में शामिल होते रहे और पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा।

एएसआई रिपोर्ट का कोर्ट ने किया था जिक्र

गौरतलब है कि एमपी हाईकोर्ट ने 15 मई को अपना फैसला सुनाते हुए भोजशाला को मंदिर माना था। कोर्ट ने अपने आदेश में एएसआई सर्वे रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसमें हिंदू धर्म से जुड़े कई साक्ष्य मिलने की बात कही गई थी। फैसले के बाद हिंदू संगठनों में उत्साह का माहौल है।

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