भुवन बाम न सिर्फ मशहूर यूट्यूबर और कॉमेडियन हैं, बल्कि एक दमदार अभिनेता के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। दिल्ली के एक कमरे से वीडियो बनाने का सफर तय करने वाले भुवन अब प्राइम वीडियो की पीरियड ड्रामा सीरीज ‘द रिवोल्यूशनरीज’ में नजर आ रहे हैं।
Bhuvan Bam Success Journey: मशहूर यूट्यूबर, कॉमेडियन और अभिनेता भुवन बाम ने अपनी सफलता के सफर और उससे मिली सीख को लेकर खुलकर बात की है। दिल्ली के एक कमरे से ऑनलाइन वीडियो बनाने वाले भुवन आज बड़े डिजिटल क्रिएटर और अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। वह इन दिनों Prime Video की पीरियड ड्रामा सीरीज ‘द रिवोल्यूशनरीज’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने फिल्ममेकर निखिल आडवाणी के साथ काम किया है।
भुवन ने अपनी यात्रा को आसान रास्ते के बजाय ‘बगावत भरी जर्नी’ बताया। उनके मुताबिक, सफलता तक पहुंचने से पहले उन्हें कई बार लोगों की शंकाओं और नकारात्मक सलाह का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन्हीं अनुभवों ने उन्हें अपने फैसलों पर भरोसा करना और लगातार आगे बढ़ना सिखाया।
‘लोग कहते थे कि यह तुम्हारे लिए नहीं है’
ANI को दिए एक इंटरव्यू में भुवन बाम ने बताया कि बाहर से भले ही किसी की सफलता अचानक दिखाई दे, लेकिन उसके पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा होता है। उन्होंने कहा कि अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें कई लोगों ने उनके चुने हुए रास्ते से हटने की सलाह दी थी। लोगों को लगता था कि डिजिटल कंटेंट बनाकर वह भीड़ में खो जाएंगे और इस क्षेत्र में उन्हें लंबे समय तक पहचान नहीं मिलेगी। लेकिन भुवन ने इन आशंकाओं के बावजूद अपना रास्ता खुद बनाने का फैसला किया।
उनका मानना रहा कि अगर किसी जगह पर उन्हें अवसर नहीं मिल रहा है, तो वह वहीं से शुरुआत करेंगे जहां उनके पास मौजूद संसाधन हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने दिल्ली से अपने डिजिटल करियर को आगे बढ़ाया।
सफलता के लिए जगह नहीं, काम मायने रखता है
भुवन बाम ने अपने सफर से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सीख साझा करते हुए कहा कि सफलता के लिए यह जरूरी नहीं कि व्यक्ति किसी बड़े शहर या खास जगह से शुरुआत करे। उन्होंने बताया कि वह लगभग एक साल पहले ही मुंबई आए हैं, जबकि उनके करियर की नींव दिल्ली में ही तैयार हुई थी। उनके मुताबिक, असली सवाल यह नहीं है कि आप कहां से काम कर रहे हैं, बल्कि यह है कि आप क्या कर रहे हैं और उसे किस तरह कर रहे हैं। भुवन की यह सोच उन युवा क्रिएटर्स और कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को लेकर असमंजस में रहते हैं।

‘गलतियां करते रहो, उनसे सीख मिलती है’
भुवन बाम ने युवाओं के लिए अपनी सबसे बड़ी सलाह गलतियों को स्वीकार करना बताया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें अपने युवा रूप से कुछ कहने का मौका मिले, तो वह उसे गलतियों से डरने के बजाय उन्हें करने और उनसे सीखने की सलाह देंगे। उनके अनुसार, गलती असफलता का अंतिम पड़ाव नहीं है। यह व्यक्ति को अपनी कमियों को समझने और अगली बार बेहतर करने का अवसर देती है। उन्होंने सफलता या असफलता के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।
असफलता क्यों है भुवन के लिए जरूरी?
भुवन बाम के मुताबिक, असफलता व्यक्ति को जमीन से जोड़े रखती है। उन्होंने कहा कि नाकाम होना जरूरी है, क्योंकि इससे इंसान अपनी सीमाओं और कमियों को पहचानता है। उनकी नजर में सफलता हमेशा स्थायी नहीं होती और असफलता भी हमेशा नहीं रहती। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा लगातार बनी रहती है और किसी की जगह कभी भी कोई दूसरा कलाकार ले सकता है। इसीलिए भुवन सफलता को लेकर अत्यधिक उत्साहित होने या असफलता से टूटने के बजाय इसे एक चक्र की तरह देखने की सलाह देते हैं।
काम से प्यार खत्म होना है सबसे बड़ा डर
भुवन ने अपने सबसे बड़े डर का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की रहती है कि कहीं किसी दिन उन्हें सुबह उठकर अपना काम करने की इच्छा ही न हो। उनके लिए दर्शकों से जुड़ाव बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम उनका अपने काम के प्रति जुनून है। जब तक उन्हें अपने काम से प्यार रहेगा, वह दर्शकों के साथ इस रिश्ते को कायम रख पाएंगे। इसी वजह से वह हर दिन कुछ नया सीखने, नई चीजें आजमाने और अपनी कला को अलग नजरिए से देखने की कोशिश करते हैं।











