अमित शाह ने सिवान रैली में कहा कि बिहार अब जंगलराज से बाहर है और नीतीश कुमार सुशासन के प्रतीक हैं। उन्होंने शहाबुद्दीन का जिक्र करते हुए कहा कि अब कोई बाहुबली जनता को डरा नहीं सकता। विपक्ष पर भी तीखे हमले बोले।
Bihar Politics: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सिवान जिले में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश की राजनीति और सुरक्षा पर तीखे बयान दिए। रैली में उन्होंने बाहुबली नेता शहाबुद्दीन का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे सौ शहाबुद्दीन आ जाएं, किसी का बाल बांका नहीं कर सकेंगे। शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को 'जंगलराज' से मुक्त करने का दावा दोहराया और केंद्र-राज्य के विकास एजेंडा को रेखांकित किया।
संबोधन में शहाबुद्दीन का जिक्र
अमित शाह ने शहाबुद्दीन के प्रभाव और सिवान की पीड़ा का हवाला देते हुए कहा कि इस इलाके ने वर्षों तक अत्याचार सहा है। उन्होंने बताया कि शहाबुद्दीन के खौफ के समय सिवान की धरती रक्तरंजित हुई, फिर भी वहाँ के लोग न झुके। शाह ने कहा कि आज इसी भूमि पर नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार का राज है, इसलिए अब कोई भी बाहुबलियों की धमकियों से जनता को डराने में सफल नहीं होगा। उनका यह बयान सुरक्षा (security) और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से जोड़ता है।
कर्पूरी ठाकुर का किया स्मरण
रैली में अमित शाह ने सिवान को राजेन्द्र बाबू और कर्पूरी ठाकुर की धरती बताते हुए उनकी भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और मदन मोहन मालवीय ने भी सिवान भ्रमण किया था, और यह क्षेत्र स्वतंत्रता आंदोलन व सामाजिक न्याय की परंपरा से जुड़ा हुआ है। शाह ने कर्पूरी की नीतियों को सामाजिक न्याय का प्रेरक स्रोत बताया और कहा कि उनके आदर्श आज के विकास मॉडल के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।
जंगलराज के विरुद्ध संदेश

अमित शाह ने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कराया था और अब वही सुशासन सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू-राबड़ी काल में अपराध और अनियमितताएँ पल रही थीं, जबकि अब प्रभावी शासन से कानून-व्यवस्था मज़बूत हो रही है। शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेताओं के परिवारिक स्वार्थ ने राज्य की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई और जनता को उसकी कीमत चुकानी पड़ी।
गिनाई विकास उपलब्धियाँ
गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का ब्यौरा देते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा, और घरों में नल द्वारा जल पहुंचाने जैसे काम हुए हैं। उन्होंने वित्तीय हस्तांतरण, किसानों के लिए सहूलियत और बुनियादी संरचना के विस्तार का जिक्र किया। शाह का कहना था कि जब संसाधन और निवेश मिलते हैं तो विकास तेज होता है और इसीलिए एनडीए का मॉडल परिणाम दे रहा है।
स्थानीय मुद्दों पर दावा
शाह ने कहा कि समस्तीपुर से पूर्णिया तक सड़कों और हवाई संपर्कों के विकास से निवेश बढ़ रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बन रहे हैं। उन्होंने मिथिला क्षेत्र के मखाने और मत्स्य पालन के उदाहरण देकर दिखाया कि केंद्र-राज्य सहयोग से किसानों की आमदनी बढ़ सकती है। शाह ने निवेशियों और उद्योगों को बिहार आकर काम करने के संकेत दिए ताकि प्रदेश में स्टार्टअप और रोजगार का जन्म हो।
विपक्ष पर तीखा हमला
रैली में अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन, विशेषकर राजद पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं को घोटालों के आरोपों के बावजूद राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है और ऐसे लोग विकास की चर्चा करने के अधिकारी नहीं हैं। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की नीतियाँ परिवारवाद और अपराध-मूलक राजनीति को बढ़ावा देती हैं, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
त्योहारों का किया जिक्र
शाह ने दीपावली और छठ पर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची खुशी और सुरक्षा तब आएगी जब लोग स्वच्छ, सुरक्षित व समृद्ध माहौल में त्योहार मनाएँगे। उन्होंने 14 नवंबर को चुनाव परिणाम के दिन को निर्णायक बताया और कहा कि जनता उस दिन अपना फैसला सुनाकर पुराने गलत तरीकों को बदल देगी।
अमित शाह ने घुसपैठियों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए फिर से सरकार बनती है तो वे SIR के बाद एक-एक घुसपैठिये को चिन्हित कर देश से बाहर भेजने का काम करेंगे।










