बिहारशरीफ-नवादा में गंगाजल आपूर्ति पर संकट: जमीन अधिग्रहण अटका, 2025 तक पूरा होना था प्रोजेक्ट

बिहारशरीफ-नवादा में गंगाजल आपूर्ति पर संकट: जमीन अधिग्रहण अटका, 2025 तक पूरा होना था प्रोजेक्ट
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नालंदा: बिहारशरीफ और नवादा जिले में गंगाजल आपूर्ति की महत्वाकांक्षी योजना पर अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं। परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जिसके कारण काम में लगातार देरी हो रही है।

जानकारी के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य बिहारशरीफ और नवादा के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना के तहत गंगा नदी से पानी लाकर पाइपलाइन के माध्यम से इन शहरों तक पहुंचाया जाना है, ताकि लोगों को सुरक्षित और पर्याप्त पानी मिल सके।

हालांकि परियोजना के लिए जरूरी जमीन अधिग्रहण का मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। कई जगहों पर भूमि से जुड़े विवाद और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यही वजह है कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरा होने को लेकर अब संदेह जताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगाजल आपूर्ति परियोजना से क्षेत्र में पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। लेकिन परियोजना में लगातार हो रही देरी से लोगों की उम्मीदों पर असर पड़ रहा है।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बनाया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य को गति दी जा सके।

जानकारों का मानना है कि यदि जमीन अधिग्रहण का मामला जल्द नहीं सुलझा तो परियोजना की समयसीमा और आगे बढ़ सकती है। इससे लागत बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना भी प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए समाधान तलाशने में जुटे हुए हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवाद सुलझेंगे और गंगाजल आपूर्ति योजना पर काम तेजी से शुरू हो सकेगा

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