महाराष्ट्र सरकार ने बजट 2026-27 में किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर एक समिति बनाई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर अब नई योजना लागू की जा रही है।
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बजट में किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने बजट पेश करते हुए बताया कि किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर पहले एक समिति गठित की गई थी, जिसकी सिफारिशों के आधार पर नई योजना लागू की जा रही है। इसके तहत 30 सितंबर 2025 तक जिन पात्र किसानों का फसल ऋण बकाया है, उन्हें राहत देने के लिए 'Punyabai Ahilyabai Holkar Kisan Karjmaafi Yojana' शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण की कर्जमाफी दी जाएगी, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिलेगा।
योजना का मुख्य विवरण
इस योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण की कर्जमाफी दी जाएगी। इस योजना का लक्ष्य लाखों किसानों को वित्तीय राहत प्रदान करना है और उन्हें कर्ज के बोझ से मुक्त करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम महाराष्ट्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीएम फडणवीस ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का फोकस खेती को आधुनिक बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसी दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है:
- बलीराजा शेत पाणंद योजना: खेतों तक पहुंच और फसल ढुलाई के लिए बेहतर और सुविधाजनक रास्ते बनेंगे।
- महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान: अगले दो वर्षों में राज्य में रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान चलेगा।
- कृषि मजदूरों की सुरक्षा: गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना सहायता योजना का दायरा बढ़ाकर कृषि मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा।
महिला किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष प्रावधान

बजट में महिला किसानों और पशुपालकों को भी प्राथमिकता दी गई है। डेयरी, बकरी पालन और पोल्ट्री जैसे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए महिला किसानों के लिए अलग आर्थिक सहायता योजना शुरू की जाएगी। यह योजना महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ग्राम सड़क योजना का तीसरा चरण लागू होगा। इसके तहत लगभग 23,000 किलोमीटर लंबी सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल खेती और माल ढुलाई में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार 10 से 15 प्रमुख स्थानों पर कृषि उत्पादों के लिए वैल्यू चेन विकसित करेगी। इससे किसानों को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।











