नेपाल चुनाव 2026: बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 86 सीटों पर आगे, ओली की पार्टी सिंगल डिजिट में सिमटी

नेपाल चुनाव 2026: बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 86 सीटों पर आगे, ओली की पार्टी सिंगल डिजिट में सिमटी

नेपाल में आम चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। नेपाल के चुनाव आयोग ने कहा है कि मतगणना शुरू होने के 24 घंटे के भीतर सीधे 165 सीटों (एफपीटीपी) के परिणाम जारी किए जाएंगे।

काठमांडू: नेपाल में गुरुवार, 5 मार्च को हुए आम चुनाव के बाद मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक दृष्टि से बड़े बदलाव का संकेत दिया है। रैपर से राजनेता बने बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) इस बार बंपर बढ़त के साथ सबसे आगे चल रही है। अभी तक 112 सीटों के शुरुआती रुझानों में RSP 86 सीटों पर अग्रणी है, जबकि नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल बेहद पिछड़ती हुई नजर आ रही है।

वोटिंग प्रतिशत और चुनावी पृष्ठभूमि

नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार, इस चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत योग्य मतदाताओं ने हिस्सा लिया। कुल 65 राजनीतिक पार्टियों ने इस चुनाव में भाग लिया और 3,400 से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना की प्रक्रिया अभी चल रही है और पहाड़ी क्षेत्रों से मतपत्रों को केंद्रों तक लाने में समय लग रहा है। इसलिए सभी सीटों के परिणाम तुरंत घोषित नहीं किए जा सकते।

शुरुआती रुझानों के अनुसार, RSP 86 सीटों पर सबसे आगे चल रही है। इसके अलावा, नेपाली कांग्रेस केवल 9 सीटों पर आगे है, जबकि ओली की कम्युनिस्ट पार्टी 3 और श्रम शक्ति पार्टी एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है। झापा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 5 में शुरुआती मतगणना के रुझान में बालेन शाह को 814 वोट मिले, जबकि सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली 384 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

भारत विरोधी ओली की पार्टी सिमटी

नेपाल चुनाव में अब तक के रुझानों में देखा जा रहा है कि भारत विरोधी रवैये वाली ओली की पार्टी पिछड़ती हुई नजर आ रही है। आरएसपी के मुकाबले उनका प्रदर्शन बेहद कमजोर है, और कई क्षेत्रों में उनका वोट शेयर सिंगल डिजिट में सिमटा हुआ है। बालेन शाह की लोकप्रियता मुख्य रूप से युवाओं और जनरेशन Z में देखी जा रही है। उनकी पार्टी ने अपनी छवि “नवाचार और पारदर्शिता” वाली पार्टी के रूप में स्थापित की है, जिसने युवा मतदाताओं के बीच भारी समर्थन पाया।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस चुनाव में बालेन शाह की बढ़त नेपाल की राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है। आरएसपी की यह बढ़त पुराने राजनीतिक दलों को चुनौती देती है और नए राजनीतिक आंदोलनों को मजबूती प्रदान करती है।

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