मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इज़राइल के ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान पर हमले जारी हैं। यह अभियान अब सातवें दिन भी जारी है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की वायुसेना पूरी तरह खत्म हो गई है।
World News: 28 फरवरी 2026, शनिवार को ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में हमला किया। इस हमले के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने इजरायल समेत कई खाड़ी देशों में मिसाइलों की बौछारें शुरू कर दीं, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान में किए गए हमलों का यह आज सातवां दिन है, और सातवें दिन भी क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' और ईरान पर हमले
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े हमले किए। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके तुरंत बाद ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू कर दी। सातवें दिन भी मिडिल ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। खाड़ी क्षेत्र के देश लगातार हमलों की चपेट में हैं और वैश्विक तेल आपूर्ति एवं वित्तीय बाजारों पर असर देखा जा रहा है।
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार, केवल शुरुआती 100 घंटों में सैन्य नुकसान की लागत 3.7 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई।
अमेरिका और इज़राइल का दावा

अमेरिका का कहना है कि ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' ईरानी सेना को पंगु बना रहा है। अमेरिकी और इज़राइली सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान की लगभग 80 प्रतिशत वायु रक्षा प्रणाली ध्वस्त कर दी गई है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में उनके उत्तराधिकारी मोज़तबा खामेनेई को स्वीकार नहीं किया जाएगा और अमेरिका एक ऐसा नेता चाहता है जो सद्भाव और शांति लाए।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने हजारों अमेरिकी सैनिकों को मारने और बंदी बनाने की धमकी दी। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता और किसी भी बातचीत का कोई कारण नहीं है। ईरान ने ऑपरेशन के दौरान बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं, हालांकि अमेरिकी दावा है कि पिछले दिनों बैसिलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत कमी आई है।
खाड़ी देशों में स्थिति
- कुवैत: अमेरिकी दूतावास ने परिचालन निलंबित किया।
- बहरीन: एक तेल रिफाइनरी पर ईरानी हमले के बाद आग लगी, लेकिन जल्द काबू पा लिया गया।
- यूएई: हवाई रक्षा प्रणाली ने कई ईरानी मिसाइलों और 120 से अधिक ड्रोनों को रोका।
- कतर: राजधानी दोहा में धमाकों की आवाज के बाद ईरानी मिसाइल और ड्रोन रोके गए।
करीब 20,000 अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट से निकाल दिए गए, और अन्य के लिए चार्टर उड़ानों की व्यवस्था है। ईरानी हमलों के मद्देनजर तेल अवीव और यरुशलम में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। इज़राइली प्रशासन ने जुमे की नमाज रद्द कर दी और पुराने शहर के पवित्र स्थलों को बंद कर दिया। इज़राइल ने लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी की और निकासी चेतावनी जारी की।










