बिलासपुर में मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में आग, 2 की मौत; फैक्ट्री से जलता हुआ बाहर निकला सुपरवाइजर

बिलासपुर में मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में आग, 2 की मौत; फैक्ट्री से जलता हुआ बाहर निकला सुपरवाइजर
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बिलासपुर की मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में मोटर से निकली चिंगारी के कारण टैंकर में आग लगी। सुपरवाइजर ऋषभ शुक्ला और मजदूर आयुष सूर्यवंशी जलकर मारे गए। अन्य 12 से ज्यादा मजदूर सुरक्षित बाहर निकले। पुलिस जांच कर रही है।

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में स्थित मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में मंगलवार दोपहर अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में लकड़ी पॉलिश और अन्य कामों के लिए ज्वलनशील तारपीन तेल का बड़ा टैंकर रखा गया था। मोटर से निकली चिंगारी के कारण यह टैंकर आग की लपटों में घिर गया।

फैक्ट्री के कर्मचारी और आसपास के लोग देखते ही देखते फैली आग से डर गए। आग इतनी तेज थी कि आस-पास काले धुएं के गुबार दिखाई देने लगे। सूचना मिलने पर सिरगिट्टी पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने पानी और फोम का लगातार छिड़काव करके आग पर काबू पाने की कोशिश की।

सुपरवाइजर और मजदूर की मौत

फैक्ट्री में काम कर रहे 12 से ज्यादा मजदूर आग लगते ही अपनी जान बचाकर भाग निकले। इसी दौरान सुपरवाइजर ऋषभ शुक्ला के कपड़ों में आग लग गई। जलते हुए वह फैक्ट्री से बाहर निकले और प्रबंधन ने उन्हें रायपुर के कालड़ा नर्सिंग होम भेजा, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मजदूर आयुष सूर्यवंशी फैक्ट्री में फंस गया। उसका बड़ा भाई आशीष और पिता घनश्याम सूर्यवंशी सुरक्षित बाहर निकल गए। आयुष को देर रात तक तलाशा गया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। अगले दिन उसे अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

आग लगने का कारण 

सूचना के अनुसार, मोटर से निकली चिंगारी पास रखे तारपीन तेल के टैंकर तक पहुंच गई और देखते ही देखते आग विकराल रूप ले गई। फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन दमकल की मदद से कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।

सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि मृतक सुपरवाइजर ऋषभ शुक्ला और मजदूर आयुष सूर्यवंशी की डेडबॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दी गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

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