पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने के प्रस्ताव को लेकर TMC के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर की नई पार्टी में विवाद शुरू हो गया है।
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में राजनीति में एक नया विवाद उभरा है, जब बाबरी मस्जिद जैसे मस्जिद निर्माण के मुद्दे पर अड़े टीएमसी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर की नई पार्टी में टिकट को लेकर विवाद शुरू हो गया। कबीर की पार्टी ने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए बॉलीगंज से निशा चटर्जी को उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन उनकी उम्मीदवारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो के बाद वापस ले ली गई।
निशा चटर्जी का आरोप
टिकट कटने के तुरंत बाद निशा चटर्जी ने आरोप लगाया कि उनका टिकट हिंदू होने के कारण काटा गया। निशा ने कहा, “मुझे पार्टी से निकाल दिया गया और कहा गया कि मैं हिंदू हूं। अगर पार्टी सेकुलर होती, तो यह निर्णय कभी नहीं लिया जाता। मैंने बाबरी मस्जिद निर्माण का समर्थन भी किया था। इससे मेरी बदनामी हुई है। अब मैं विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी मैदान में उतर सकती हूं।
इस विवाद पर हुमायूं कबीर ने कहा, “मैंने सोशल मीडिया पर निशा की कुछ तस्वीरें और वीडियो देखे हैं। उन्हें देखने के बाद मुझे लगा कि वे हमारी पार्टी का उम्मीदवार नहीं हो सकती। इससे जनता को गलत संदेश जाएगा। मुझे इस निर्णय को लेने का पूरा अधिकार है। कबीर ने अपनी पार्टी के निर्णय को न्यायसंगत बताते हुए कहा कि पार्टी की छवि और सियासी नैतिकता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय निशा
निशा चटर्जी सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 72,000 फॉलोअर्स हैं। टिकट मिलने के ऐलान के बाद उनके पोस्ट और तस्वीरें तेजी से वायरल हुई थीं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता अब चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगी है, और इस विवाद ने इसे और भी बढ़ा दिया है।
हुमायूं कबीर, जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित हुए थे, ने अपनी नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी (JUP) बनाई। पार्टी के भीतर यह विवाद सियासी अस्थिरता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। पार्टी के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार, टिकट कटने के बाद कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच असंतोष देखा गया है।












