आज बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर संसद परिसर में स्थापित धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई अन्य मंत्री ने बिरसा मुंडा को नमन किया।
Birsa Munda 150th Birth Anniversary: आज भारत महान स्वतंत्रता सेनानी, जनजातीय गौरव और धरती आबा के नाम से विख्यात बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मना रहा है। इस पावन अवसर पर राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व—राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और कई केंद्रीय मंत्रियों ने संसद परिसर में स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
बिरसा मुंडा की जयंती के साथ ही देशभर में मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस ने पूरे भारत में जनजातीय संस्कृति, इतिहास और स्वतंत्रता संघर्ष में उनके योगदान को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
संसद परिसर में शीर्ष नेतृत्व ने किया माल्यार्पण
आज सुबह संसद भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो स्वयं जनजातीय समुदाय से संबंध रखती हैं, ने धरती आबा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकৃষ्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जनजातीय मामलों के मंत्री और कई अन्य सांसद मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बिरसा मुंडा के संघर्ष, उनके नेतृत्व और जनजातीय अधिकारों के लिए उनके अविस्मरणीय योगदान का स्मरण किया गया।

PM मोदी ने लिखा भावुक संदेश – 'हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा उनका बलिदान'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा:
'देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर पूरा देश मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। विदेशी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।'
प्रधानमंत्री ने लिखा कि बिरसा मुंडा न सिर्फ जनजातीय समाज बल्कि पूरे भारत के लिए साहस, नेतृत्व और न्याय की लड़ाई का प्रतीक हैं।
झारखंड स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री की शुभकामनाएँ
14 नवंबर को मनाया जाने वाला झारखंड स्थापना दिवस, बिरसा मुंडा की जयंती के साथ एक ऐतिहासिक भावनात्मक जुड़ाव रखता है। इसी दिन वर्ष 2000 में झारखंड एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था। PM मोदी ने झारखंड के निवासियों को बधाई देते हुए कहा, जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है। मैं राज्य की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।
बिरसा मुंडा का जन्म झारखंड (तत्कालीन बिहार) के उलीहातु गांव में हुआ था। वे केवल 25 वर्ष की छोटी उम्र में ही अंग्रेजों के विरुद्ध एक प्रभावशाली आंदोलन के नेता बन गए। उनके नेतृत्व में चला उलगुलान (महाआंदोलन) जनजातीय समुदाय के भूमि अधिकार, सांस्कृतिक सुरक्षा और शोषण के खिलाफ एक ऐतिहासिक संघर्ष बन गया।
बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जिस संगठित प्रतिरोध का नेतृत्व किया, उसने जनजातीय समाज को नई चेतना दी। उनकी मृत्यु के बाद भी उनका विचार, संघर्ष और बलिदान भारत के इतिहास में अमर है।











