Bitcoin Price Hike: बिटकॉइन में जबरदस्त उछाल, तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी के करीब क्रिप्टोकरेंसी

Bitcoin Price Hike: बिटकॉइन की कीमत में जोरदार तेजी आई है और क्रिप्टोकरेंसी करीब तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रही है। जानें Bitcoin Price और

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इसकी कीमत करीब 80 हजार डॉलर के स्तर तक पहुंच गई है और यह पिछले तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रही है।

Bitcoin Hike: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत में इस सप्ताह जोरदार तेजी देखने को मिली है। बिटकॉइन एक दिन में करीब 9.4 प्रतिशत तक चढ़कर 77,500 डॉलर के आसपास पहुंच गया। इस सप्ताह अब तक इसकी कीमत में लगभग 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगर तेजी का यह सिलसिला कायम रहता है, तो मार्च 2023 के बाद यह बिटकॉइन की सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त हो सकती है।

बिटकॉइन की इस तेजी ने एक बार फिर क्रिप्टो बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल करेंसी अब 80,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब कारोबार कर रही है। इससे निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या बिटकॉइन इस अहम स्तर को पार करके आगे नई तेजी का आधार तैयार कर पाएगा।

तीन साल की बड़ी साप्ताहिक रैली की ओर बिटकॉइन

बिटकॉइन ने इस सप्ताह जिस रफ्तार से बढ़त हासिल की है, उसने क्रिप्टो बाजार में हलचल बढ़ा दी है। एक ही दिन में करीब 9.4 प्रतिशत की तेजी के बाद इसकी कीमत 77,500 डॉलर के आसपास पहुंची। पूरे सप्ताह की बात करें तो डिजिटल एसेट में करीब 23 प्रतिशत की मजबूती आई है। यदि सप्ताह के अंत तक यह बढ़त बरकरार रहती है, तो यह मार्च 2023 के बाद बिटकॉइन की सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी में शामिल हो सकती है। इससे पहले मई में बिटकॉइन 80,000 डॉलर के स्तर तक पहुंचा था।

अमेरिका से जुड़ी खबर ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

बिटकॉइन की हालिया तेजी के पीछे अमेरिकी वित्तीय बाजार से जुड़े घटनाक्रम को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की ओर से लंबे समय वाले अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की बायबैक योजना को कम से कम दोगुना करने की घोषणा के बाद बाजार की धारणा में बदलाव देखने को मिला।इस घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड में नरमी आई और निवेशकों के बीच जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति रुचि बढ़ी। इसका फायदा बिटकॉइन समेत क्रिप्टोकरेंसी बाजार को मिला।

बाजार में शॉर्ट पोजीशन रखने वाले कई ट्रेडर्स को भी अपनी पोजीशन बंद करनी पड़ी, जिससे बिटकॉइन की तेजी को अतिरिक्त गति मिली। क्रिप्टो बाजार में इसे शॉर्ट कवरिंग के तौर पर देखा गया, जिसमें गिरावट की उम्मीद कर रहे निवेशक कीमत बढ़ने पर अपनी पोजीशन काटने लगते हैं।

ट्रंप की क्रिप्टो इंडस्ट्री से मुलाकात भी बनी चर्चा का विषय

इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ बैठक ने भी बाजार का ध्यान खींचा। इससे निवेशकों के बीच अमेरिका की क्रिप्टो नीति को लेकर सकारात्मक उम्मीदें मजबूत हुईं। हालांकि, बॉन्ड बाजार में अमेरिकी सरकार के हस्तक्षेप को लेकर कुछ निवेशकों ने डॉलर पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता भी जताई। इसी अवधि में सोने की कीमतों में भी मजबूती देखी गई, जो बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग का संकेत माना जाता है।

विशेषज्ञों ने बिटकॉइन को लेकर क्या कहा?

Bridgewater Associates के संस्थापक रे डेलियो ने निवेशकों को मजबूत वित्तीय स्थिति वाले देशों और अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश फैलाने की सलाह दी। उनका मानना है कि पोर्टफोलियो में सोने के साथ सीमित मात्रा में बिटकॉइन रखना जोखिम को संतुलित करने में मदद कर सकता है। दूसरी ओर, BTC Markets की एनालिस्ट रेचल लुकास के मुताबिक, बिटकॉइन की हालिया तेजी का प्रमुख कारण अमेरिकी ट्रेजरी की लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक से जुड़ा घटनाक्रम रहा। उनके अनुसार, लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी और इसका फायदा बिटकॉइन को मिला।

हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि बिटकॉइन की लंबी अवधि की निवेश कहानी में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। साथ ही इसकी कीमत में तेज उतार-चढ़ाव यानी volatility अब भी एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है।

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