BJP का Bengal मिशन! Sunil Bansal संभालेंगे चुनावी कमान, वरिष्ठ नेता कर रहे तैयारियां

BJP का Bengal मिशन! Sunil Bansal संभालेंगे चुनावी कमान, वरिष्ठ नेता कर रहे तैयारियां

BJP ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए Sunil Bansal को राष्ट्रीय महासचिव के रूप में चुनावी कमान सौंपी। वरिष्ठ और प्रवासी नेता मंडल व जिला स्तर पर संगठन मजबूती और मतभेद सुलझाने का काम करेंगे।

Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति को मजबूत करने में तेजी कर दी है। इसके लिए पार्टी ने अन्य राज्यों के अनुभवी नेताओं को चुनावी तैयारियों और संगठन प्रबंधन में शामिल किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव Sunil Bansal की अगुवाई में यह टीम बंगाल इकाई की मदद करेगी।

BJP ने पिछले एक महीने में अन्य राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को पश्चिम बंगाल में मंडल और जिला स्तर तक आंतरिक मतभेद सुलझाने और चुनाव की तैयारियों के लिए नियुक्त किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के मंत्री JP S Rathore, उत्तराखंड के मंत्री Dhan Singh Rawat, राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष Kailash Chaudhary, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री Suresh Rana, हरियाणा भाजपा के महासचिव Sanjay Bhatia और कर्नाटक के पूर्व मंत्री C T Ravi शामिल हैं।

प्रवासी नेताओं की भूमिका

ये सभी नेता मुख्य रूप से हिंदी भाषी हैं, इसलिए उनके साथ स्थानीय नेता भी होते हैं जो चुनावी क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और जनता से बातचीत के दौरान अनुवाद और मार्गदर्शन करते हैं। बंगाल में तैनाती के बाद से, इन नेताओं ने मंडल, विधानसभा और जिला इकाइयों में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें की हैं और रणनीतिक योजना तैयार की है।

पार्टी के प्रवासी नेताओं का मुख्य काम स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद को कम करना, संगठन को मजबूत करना और कमजोर क्षेत्रों में पकड़ बढ़ाना है। इससे भाजपा का संगठनात्मक ढांचा चुनावों से पहले अधिक मजबूत और प्रभावी बन सकेगा।

सीटों की जिम्मेदारी

JP Rathore, जिनके पास 2017 और 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव प्रबंधन का अनुभव है, को पश्चिम बंगाल की 35 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अधीन पूर्वी मेदिनीपुर जिले के Contai और Tamluk तथा पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के Ghatal और Medinipur शहर आते हैं।

सुरेश राणा उत्तर 24 परगना जिले की Barasat, Barrackpore और Bongaon विधानसभा क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। राणा पश्चिमी यूपी के शामली जिले से हैं और उन्होंने हरियाणा, दिल्ली, त्रिपुरा और मध्य प्रदेश में पार्टी के चुनावी प्रयासों का नेतृत्व किया है। उनके पास कुल 28 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी है। हाल ही में उन्होंने संदेशखाली का दौरा किया था, जहां 2024 में स्थानीय TMC नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद राजनीतिक विवाद हुआ था।

हरियाणा भाजपा महासचिव संजय भाटिया को Arambagh उपमंडल और Shrirampur सहित Hugli जिला और Howrah शहर की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष Kailash Chaudhary को Cooch Behar, Jalpaiguri, Siliguri और उत्तरी बंगाल के अन्य जिलों में पार्टी की तैयारियों की निगरानी करनी है। सभी ये नेता सीधे राष्ट्रीय महासचिव Sunil Bansal को रिपोर्ट करेंगे।

संगठनात्मक मजबूती

इन वरिष्ठ नेताओं का मुख्य फोकस संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति पर है। वे स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता से सीधे संपर्क बनाए रख रहे हैं। उनका प्रयास है कि जिन क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ कमजोर है, वहां संगठन और कार्यकर्ताओं की मदद से स्थिति सुधारी जाए।

साथ ही इन नेताओं का ध्यान पार्टी के भीतर मतभेदों को सुलझाने और उम्मीदवारों के चयन में संतुलन बनाए रखने पर है। पार्टी के केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्य स्तरीय नेताओं के साथ हुई बैठक में विधानसभा चुनाव से पहले सभी मतभेद भुलाने का निर्देश दिया था। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक राज्य स्तर पर पुराने और नए नेतृत्व के बीच खाई को पाटने की कोशिश थी।

TMC की चुनौती

पिछली बार TMC ने भाजपा को “बाहरी लोगों की पार्टी” के रूप में पेश करने में सफलता हासिल की थी। इस रणनीति ने स्थानीय मतदाताओं को प्रभावित किया। इस बार भाजपा ने अनुभवी नेताओं के साथ स्थानीय नेताओं को जोड़कर इसे चुनौती देने का प्लान बनाया है। प्रवासी नेता स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग से चुनावी रणनीति को जमीन पर उतार रहे हैं।

BJP का लक्ष्य है कि संगठन मजबूत रहे और चुनावी तैयारियां पूरी तरह से प्रभावी हों। इसके तहत नेताओं को प्रशिक्षण, बैठकें और रणनीति बनाने का काम सौंपा गया है। इससे पार्टी अपने मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाने और TMC के मजबूत क्षेत्रों में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

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