पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर से 500 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाया गया। भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए सुरक्षा advisory जारी की और अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था भी की है।
West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। कतर स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि 500 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत पहुंचाया गया है। इन लोगों को कतर एयरवेज की उड़ानों के जरिए नई दिल्ली और भारत के अन्य शहरों तक लाया गया। यह कदम उस समय उठाया गया है जब क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और कई देशों के बीच सैन्य गतिविधियां जारी हैं।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि 11 मार्च को कतर एयरवेज की उड़ानों के जरिए 500 से अधिक भारतीय नागरिक कतर से रवाना हुए। इनमें से कई लोग नई दिल्ली पहुंचे जबकि अन्य यात्रियों को अलग-अलग शहरों में भेजा गया। दूतावास ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से लगातार समन्वय किया जा रहा है।
दूतावास की चेतावनी: खतरनाक मलबे से दूर रहें
भारतीय दूतावास ने कतर में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा advisory भी जारी की है। दूतावास ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु, मलबे या टूटे हुए टुकड़ों के पास जाने से बचें। दूतावास ने कहा कि संघर्ष की स्थिति में कई बार विस्फोटक सामग्री या सैन्य उपकरणों के अवशेष आसपास गिर सकते हैं, जो लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
इस advisory में यह भी कहा गया है कि अगर किसी को ऐसी कोई वस्तु दिखाई दे तो उसे छूने या उसके पास जाने की कोशिश न करें। तुरंत स्थानीय प्रशासन या सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना दें। दूतावास ने नागरिकों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
भारत के लिए अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद कतर एयरवेज भारत के लिए विशेष उड़ानों का संचालन कर रही है। भारतीय दूतावास ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी कतर एयरवेज भारत के लिए दो अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी। इन उड़ानों का उद्देश्य उन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाना है जो अभी भी कतर में फंसे हुए हैं।
दूतावास ने कहा कि भारतीय समुदाय के लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और जिन लोगों को वापसी की जरूरत है, उनके लिए यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अपडेट पर नजर रखें।
दुबई में फंसे ओडिशा के पर्यटकों की सुरक्षित वापसी
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कई उड़ानें रद्द हो गई थीं, जिसके चलते दुबई में ओडिशा के 35 पर्यटक फंस गए थे। हालांकि अब ये सभी पर्यटक सुरक्षित भारत लौट आए हैं। अधिकारियों के अनुसार इनमें से नौ पर्यटक सात मार्च को केरल के कोच्चि होते हुए भुवनेश्वर पहुंचे।

बाकी पर्यटक आठ मार्च को मुंबई होते हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस की विशेष उड़ान से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से इन लोगों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।
ओडिशा सरकार ने स्थिति पर जताई चिंता
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अभी भी कई ओडिशा निवासी फंसे हुए हैं और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अनु गर्ग को स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि राज्य के लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सरकार ने यह भी कहा है कि विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर जरूरत पड़ने पर विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि राज्य के नागरिक सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
विधानसभा में उठा मुद्दा
पश्चिम एशिया में फंसे ओडिशा के लोगों का मुद्दा राज्य विधानसभा में भी उठाया गया। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने खाड़ी देशों में फंसे राज्य के लोगों के प्रति पर्याप्त चिंता नहीं दिखाई। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा भी हुई।
मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक और प्रताप केशरी देब ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से इस विषय को उठाया। चर्चा के दौरान बीजू जनता दल के विधायक अरुण कुमार साहू ने पूछा कि क्या राज्य सरकार के पास युद्ध के बीच फंसे ओडिशा के लोगों को वापस लाने की कोई स्पष्ट योजना है।
बीजद विधायक ध्रुव चरण साहू ने भी कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे लोगों के परिवार मानसिक तनाव में हैं और सरकार को उनकी सहायता के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में ओडिशा के लोग
विपक्षी विधायकों ने कहा कि उड़ानें रद्द होने के कारण खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में ओडिशा के लोग फंसे हुए हैं। उनका अनुमान है कि लगभग तीन से चार लाख ओडिया नागरिक इस क्षेत्र में काम करते हैं या रहते हैं। इनमें से अधिकतर लोग केंद्रपाड़ा, गंजाम और पुरी जिलों से हैं।
विधायकों ने कहा कि इस स्थिति में राज्य सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और केंद्र सरकार के साथ मिलकर नागरिकों की सुरक्षा और वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।
युद्ध रोकने की अपील का प्रस्ताव
विधानसभा में चर्चा के दौरान एक सुझाव यह भी दिया गया कि ओडिशा विधानसभा पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने की अपील करने वाला प्रस्ताव पारित करे। विधायक ध्रुव चरण साहू ने कहा कि अगर ऐसा प्रस्ताव पारित किया जाता है तो ओडिशा विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बन सकती है जो अंतरराष्ट्रीय संघर्ष को समाप्त करने की अपील करेगी।










