केरल हाई कोर्ट ने अभिनेत्री श्वेता मेनन के खिलाफ अश्लीलता का केस किया रद्द, कहा- 'आरोपों में ठोस आधार नहीं'

केरल हाई कोर्ट ने अभिनेत्री श्वेता मेनन के खिलाफ अश्लीलता का केस किया रद्द, कहा- 'आरोपों में ठोस आधार नहीं'

Kerala High Court ने बुधवार को मलयालम फिल्म अभिनेत्री Shweta Menon के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी कुछ पुरानी फिल्मों और विज्ञापनों के कथित अश्लील दृश्यों को प्रकाशित या प्रसारित किया था।

Shweta Menon: भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कानूनी घटना में Kerala High Court ने मलयालम अभिनेत्री Shweta Menon के खिलाफ दर्ज अश्लीलता से जुड़े आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। अदालत ने माना कि अभिनेत्री के खिलाफ लगाए गए आरोप कानूनी रूप से पर्याप्त आधार नहीं रखते और मामला आगे चलाने का औचित्य नहीं बनता।

यह फैसला जस्टिस C. S. Dias की एकल पीठ ने दिया, जिन्होंने अभिनेत्री द्वारा दायर उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिकायत दर्ज करने से पहले आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और प्रारंभिक जांच के नियमों का पालन नहीं किया गया था।

अश्लीलता के आरोपों से जुड़ा था मामला

अभिनेत्री श्वेता मेनन के खिलाफ शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कुछ फिल्मों और एक विज्ञापन में कथित रूप से अश्लील दृश्यों के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत की। शिकायतकर्ता का दावा था कि इन दृश्यों के कारण समाज में अश्लीलता को बढ़ावा मिला। शिकायत में जिन फिल्मों का उल्लेख किया गया था, उनमें Paleri Manikyam: Oru Pathirakolapathakathinte Katha, Rathinirvedam और Kalimannu जैसी मलयालम फिल्में शामिल थीं। इसके अलावा एक कंडोम विज्ञापन में उनकी उपस्थिति को भी शिकायत का हिस्सा बनाया गया था।

हालांकि अभिनेत्री ने अदालत में दलील दी कि इन सभी फिल्मों को भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड से विधिवत प्रमाणन मिला था और वे वर्षों से सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित और उपलब्ध हैं। ऐसे में उन्हें अश्लीलता के आधार पर आपराधिक मामले में घसीटना अनुचित है।

अदालत ने पहले ही लगाई थी कार्यवाही पर रोक

इस मामले में अदालत ने अगस्त 2024 में ही एफआईआर से जुड़ी आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी। उस समय अदालत ने यह टिप्पणी की थी कि शिकायत को जांच के लिए भेजने से पहले जरूरी कानूनी शर्तों का पालन किया जाना चाहिए था। अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि शिकायत में प्रस्तुत आरोप आपराधिक मामले को जारी रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने एफआईआर को पूरी तरह रद्द करने का आदेश दिया।

अपनी याचिका में श्वेता मेनन ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप दुर्भावनापूर्ण और बदनीयती से प्रेरित हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि जिन फिल्मों और दृश्यों को लेकर शिकायत की गई है, वे लंबे समय से सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध हैं और उन्हें आधिकारिक सेंसर प्रमाणन प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं में उनका अभिनय पेशेवर और फिल्म की कहानी के अनुरूप था, इसलिए इसे अश्लीलता के रूप में प्रस्तुत करना गलत है।

फिल्म उद्योग में सक्रिय भूमिका

श्वेता मेनन मलयालम फिल्म उद्योग की जानी-मानी अभिनेत्री हैं और कई महत्वपूर्ण फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं। इसके अलावा वह फिल्म उद्योग से जुड़े संगठनों में भी सक्रिय रही हैं। जब उनके खिलाफ यह एफआईआर दर्ज की गई थी, उस समय वह Association of Malayalam Movie Artists (AMMA) के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही थीं। बाद में वह इस संगठन की अध्यक्ष भी चुनी गईं।

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