बॉलीवुड में पब्लिसिटी और पीआर रणनीतियों को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। अब इस बहस में अभिनेत्री Ameesha Patel ने भी खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट के जरिए इंडस्ट्री में चल रहे “फेक पीआर गेम” पर सवाल उठाए और कुछ एक्ट्रेसेस की छवि निर्माण प्रक्रिया पर तंज कसा।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: अमीषा पटेल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर बॉलीवुड की पीआर (Public Relations) संस्कृति को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार एक्टर्स की टीम इतनी सक्रिय रहती है कि चाहे फिल्में चले या फ्लॉप हों, कलाकार लगातार चर्चा और लाइमलाइट में बने रहते हैं।
अमीषा का मानना है कि कई बार “नंबर वन” जैसे टैग भी असल प्रदर्शन से ज्यादा पीआर रणनीतियों का नतीजा होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में सोशल मीडिया और पीआर कैंपेन किसी भी कलाकार की छवि को बहुत हद तक प्रभावित कर सकते हैं।
“पैसे देकर नंबर वन बनने का खेल” — अमीषा का आरोप
अमीषा पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि कई एक्ट्रेसेस अपनी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से ज्यादा अपनी पीआर टीमों पर निर्भर रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कलाकार अपनी “नंबर वन” की छवि बनाने के लिए पीआर एजेंसियों को भारी रकम देते हैं, जिससे मीडिया और पब्लिक में उनकी रैंकिंग को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है।
अमीषा के अनुसार, आज के समय में बॉक्स ऑफिस आंकड़ों से ज्यादा प्रभाव “डिजिटल इमेज मेकिंग” का हो गया है, जहां वास्तविक सफलता और प्रचार के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
200 करोड़ क्लब पर भी उठाए सवाल

अपने पोस्ट में अमीषा पटेल ने यह भी कहा कि कई एक्ट्रेसेस के नाम बड़े टैग्स से जोड़े जाते हैं, जबकि उनकी फिल्मों ने कभी 200 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं किया। उन्होंने लिखा कि वर्तमान समय में फिल्म इंडस्ट्री में “हाइप और पब्लिसिटी” वास्तविक प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण बन गई है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर बॉलीवुड की स्टार रैंकिंग सिस्टम पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है।
अपनी फिल्मों का किया जिक्र
अमीषा पटेल ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी फिल्में दी हैं जिन्होंने बड़े स्तर पर दर्शकों का प्यार पाया है। उन्होंने विशेष रूप से इन फिल्मों का जिक्र किया—
- Kaho Naa... Pyaar Hai (निर्माता के तौर पर नहीं, लेकिन फिल्म से जुड़े अनुभव का उल्लेख)
- Gadar: Ek Prem Katha
- Gadar 2
उनका कहना है कि इन फिल्मों ने बड़े पैमाने पर दर्शकों को आकर्षित किया और बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। अमीषा ने यह भी कहा कि उनकी तुलना में उनकी पीआर टीम उतनी मजबूत नहीं है, जितनी अन्य बड़े सितारों की होती है। उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि कई बार वास्तविक सफलता के बावजूद कलाकारों को उतनी मीडिया कवरेज नहीं मिलती, जितनी “पीआर बजट” के आधार पर बनाई गई छवि को मिलती है।
उनके इस बयान को इंडस्ट्री में “अनकंफर्टेबल सच” के रूप में देखा जा रहा है। अमीषा पटेल के बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ यूजर्स उनके बयान को “ईमानदार और साहसी” बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे इंडस्ट्री पर अनावश्यक टिप्पणी मान रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री में पीआर रणनीति कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसे लेकर सार्वजनिक रूप से इस तरह की आलोचना कम ही देखने को मिलती है।









