आगरा में त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में तेजी आई है। आठ दिनों में भाव करीब ₹10 प्रति किलो तक बढ़े हैं। थोक बाजार में चीनी ₹57–58 और कुछ फुटकर बाजारों में ₹70 प्रति किलो तक बिक रही है।
आगरा: त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन से पहले चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, पिछले आठ दिनों में चीनी के दाम करीब ₹10 प्रति किलो तक बढ़े हैं। शहर के थोक बाजार में भाव ₹57–58 प्रति किलो पहुंच गए हैं, जबकि कुछ इलाकों में ग्राहकों को फुटकर खरीदारी के लिए ₹70 प्रति किलो तक चुकाने पड़ रहे हैं।
आगरा के बाजारों में चीनी के ताजा भाव
आगरा में पिछले कुछ दिनों से चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। थोक कारोबारियों के अनुसार, करीब आठ दिन पहले चीनी का भाव लगभग ₹50 प्रति किलो था। इसके बाद कीमत बढ़कर ₹54 हुई और अब थोक बाजार में यह ₹57–58 प्रति किलो तक पहुंच गई है।

फुटकर बाजार में अलग-अलग इलाकों के हिसाब से कीमतों में अंतर है। आवास विकास क्षेत्र में कई दुकानों पर चीनी ₹60–62 प्रति किलो बिक रही है, जबकि पचकुइयां बाजार में इसका भाव ₹65 से ₹70 प्रति किलो तक पहुंच गया है। कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर आम लोगों के घरेलू खर्च पर पड़ रहा है।
त्योहारों में बढ़ती मांग से महंगी हो सकती है चीनी
व्यापार समिति नवीन गल्ला मंडी के अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल के मुताबिक, पिछले महीने भी चीनी की कीमतें ₹65–70 प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। इसके बाद बाजार में कुछ राहत मिली, लेकिन अब फिर से तेजी का रुख दिखाई दे रहा है।
आने वाले त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में मिठाइयों की मांग बढ़ने की संभावना है। इससे चीनी की खपत बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। कारोबारियों का अनुमान है कि यदि मौजूदा तेजी जारी रही, तो दिवाली तक कुछ बाजारों में चीनी का फुटकर भाव ₹70 प्रति किलो से ऊपर जा सकता है। हालांकि, यह अनुमान है और वास्तविक कीमतें बाजार की मांग तथा सप्लाई पर निर्भर करेंगी।
मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल ने भी कीमतों में हालिया बढ़ोतरी की जानकारी दी। उनके अनुसार, आठ दिन पहले चीनी करीब ₹50 प्रति किलो बिक रही थी, जो अब थोक बाजार में ₹57–58 प्रति किलो तक पहुंच गई है।
सप्लाई और स्टॉक में कमी को भी बताया जा रहा कारण
व्यापारियों के मुताबिक, चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण आयात-निर्यात प्रभावित होने, कुछ राज्यों में कम बारिश से गन्ने की फसल पर असर पड़ने और एथेनॉल उत्पादन की मांग को संभावित कारणों में गिना जा रहा है।
कारोबारियों का यह भी कहना है कि जब बाजार में स्टॉक सीमित होता है, तो कुछ व्यापारी बिक्री कम कर देते हैं। मांग बढ़ने पर माल ऊंचे भाव पर बेचा जाता है, जिससे कीमतों में तेजी आ सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से इन सभी कारणों के वास्तविक प्रभाव की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती है।
फिलहाल आगरा के ग्राहकों को चीनी खरीदने के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। त्योहारों के दौरान कीमतों में आगे क्या बदलाव होगा, यह बाजार में उपलब्ध स्टॉक, सप्लाई और मांग की स्थिति पर निर्भर करेगा।










