BMC Election: शिंदे शिवसेना ने मांगी 100 सीटें, महायुति गठबंधन में एनसीपी बाहर, जानिए क्या है बीजेपी का बड़ा प्लान?

BMC Election: शिंदे शिवसेना ने मांगी 100 सीटें, महायुति गठबंधन में एनसीपी बाहर, जानिए क्या है बीजेपी का बड़ा प्लान?

महाराष्ट्र की राजनीति में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव को लेकर महायुति गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ रही है, लेकिन इस बार अजित पवार की एनसीपी को गठबंधन से बाहर रखा गया है। 

मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी के बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे पर बातचीत शुरू हो गई है। बीजेपी ने 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए अजित पवार की एनसीपी के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है, क्योंकि पार्टी को नवाब मलिक को चुनाव प्रभारी बनाए जाने पर आपत्ति है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोप हैं, ऐसे में गठबंधन करना मुश्किल है। 

वहीं बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के साथ गठबंधन की इच्छा जताई है। बीजेपी नेता और राज्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि महायुति गठबंधन ने बीएमसी की 227 में से 150 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

महायुति का गठबंधन और सीटों की रणनीति

बीजेपी और शिंदे शिवसेना ने बीएमसी सहित राज्य के 29 नगर निगमों में महायुति के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस गठबंधन का उद्देश्य 227 सीटों में से 150 से अधिक सीटें जीतना और अगले मेयर को महायुति से चुनवाना है। बीजेपी नेता और राज्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि महायुति गठबंधन अपने उम्मीदवारों के पिछली जीतों वाले क्षेत्रों पर अपना दावा बनाए रखेगा।

सूत्रों के अनुसार, उन सीटों पर जहां पिछली बार उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने जीत दर्ज की थी, वहां बीजेपी और शिंदे शिवसेना दोनों का दावा रहेगा। इससे महायुति के भीतर सीट शेयरिंग की संतुलित रणनीति सुनिश्चित की जाएगी।

एनसीपी को गठबंधन से बाहर किया गया

बीजेपी ने अजित पवार की एनसीपी के साथ गठबंधन से इनकार किया है। इसके पीछे वजह बीजेपी की नवाब मलिक पर आपत्ति है। पार्टी का कहना है कि नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले का आरोप है, जिससे गठबंधन करना कठिन हो गया है। इसके बजाय बीजेपी ने केंद्र और राज्य में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के साथ गठबंधन की इच्छा जताई है।
पिछली जीतों पर दावा और शिंदे शिवसेना की मांग

बीजेपी और शिंदे शिवसेना की बैठक में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। बैठक में सीएम देवेंद्र फडणवीस और शिंदे मिलकर अंतिम फॉर्मूला तय करेंगे। बताया जा रहा है कि शिंदे शिवसेना ने 100 से अधिक सीटों की मांग रखी है। पिछले बीएमसी चुनाव 2017 में अविभाजित शिवसेना ने 84 सीटें और बीजेपी ने 82 सीटें जीती थीं। 

चुनाव के बाद कुछ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद शिवसेना में शामिल हो गए, जिससे शिंदे शिवसेना की संख्या बढ़कर 90 सीटें हो गई। इस बार शिंदे शिवसेना का दावा संयुक्त शिवसेना वाली सीटों पर भी रहेगा।

सीट शेयरिंग बैठक और नेताओं की मौजूदगी

बीजेपी और शिवसेना के नेताओं ने पहली बैठक में विचार साझा किए और सीटों के बंटवारे के प्रारंभिक फॉर्मूले पर चर्चा की।

  • बीजेपी की ओर से: आशीष शेलार, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम, विधायक अतुल भातखलकर, एमएलसी प्रवीण दरेकर
  • शिंदे शिवसेना की ओर से: विधायक रवींद्र वायकर, प्रकाश सुरवे, राहुल शेवाले

बैठक के बाद तय हुआ कि अंतिम सीट शेयरिंग फॉर्मूला सीएम देवेंद्र फडणवीस और शिंदे मिलकर अंतिम रूप देंगे। बीजेपी का लक्ष्य है कि महायुति गठबंधन बीएमसी चुनाव में 150 से अधिक सीटें जीते। इसके लिए पार्टी ने केंद्र और राज्य में गठबंधन रणनीति को मजबूत किया है।

 

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