ट्रंप प्रशासन का कड़ा रुख, सुरक्षा कारणों से 39 देशों पर ट्रैवल बैन

ट्रंप प्रशासन का कड़ा रुख, सुरक्षा कारणों से 39 देशों पर ट्रैवल बैन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए 39 देशों के नागरिकों पर अमेरिका यात्रा प्रतिबंध बढ़ा दिया है। इस फैसले में सीरिया, माली और नाइजर समेत कई देश शामिल हैं।

US Visa: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा और विवादित फैसला लेते हुए अमेरिका में 39 देशों के नागरिकों की एंट्री पर प्रतिबंध को आगे बढ़ा दिया है। इस फैसले के तहत सीरिया, माली, नाइजर समेत कई देशों के नागरिक अब अमेरिका की यात्रा नहीं कर पाएंगे। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि, इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और कई देशों ने इस पर सवाल उठाए हैं।

व्हाइट हाउस का आधिकारिक ऐलान

व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस विस्तारित ट्रैवल बैन से जुड़े घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत बर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान, सीरिया और फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज रखने वाले नागरिकों पर अमेरिका में प्रवेश को पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन देशों से आने वाले यात्रियों की जांच प्रक्रिया अमेरिका के सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरती।

लाओस और सिएरा लियोन पर सख्ती

इस नए फैसले में लाओस और सिएरा लियोन को भी पूर्ण प्रतिबंध की सूची में डाल दिया गया है। इससे पहले इन दोनों देशों पर केवल आंशिक यात्रा प्रतिबंध लागू था। अब इन देशों के नागरिकों के लिए भी अमेरिका में प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक यह विस्तारित प्रतिबंध एक जनवरी से प्रभावी होगा और इसे तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा उपाय के रूप में देखा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि यह कदम अमेरिका को विदेशी आतंकवादियों और संभावित सुरक्षा खतरों से बचाने के लिए जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका की सीमाएं सुरक्षित रहनी चाहिए और इसके लिए कड़े फैसले लेना अनिवार्य है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जिन देशों पर यह प्रतिबंध लगाया गया है, वहां से आने वाले यात्रियों की पहचान और पृष्ठभूमि की सही जांच संभव नहीं हो पाती।

सीरिया को लेकर विरोधाभासी संदेश

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ महीने पहले ही ट्रंप ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से बातचीत के बाद सीरिया को स्थिर और सफल बनाने में सहयोग का भरोसा दिया था। अहमद अल-शारा अल-कायदा के पूर्व कमांडर रह चुके हैं और हाल तक अमेरिका की ओर से उन्हें विदेशी आतंकवादी घोषित किया गया था। ऐसे में सीरिया पर यात्रा प्रतिबंध बढ़ाने के फैसले को लेकर ट्रंप की नीति पर सवाल उठ रहे हैं।

जून में भी लिया गया था ऐसा फैसला

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन ने इस तरह का सख्त कदम उठाया हो। इससे पहले जून महीने में भी ट्रंप ने एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। इसके अलावा सात अन्य देशों पर आंशिक यात्रा प्रतिबंध लागू किया गया था। उस समय भी प्रशासन ने यही तर्क दिया था कि यह फैसला सुरक्षा कारणों से जरूरी है।

पहले से बैन झेल रहे देशों की स्थिति

जून में जिन 12 देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया गया था, वह प्रतिबंध अब भी लागू है। नए फैसले के साथ इन देशों की संख्या और बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध स्थायी नहीं हैं, लेकिन तब तक जारी रहेंगे जब तक संबंधित देश अमेरिका की सुरक्षा शर्तों को पूरा नहीं कर लेते। इसमें पासपोर्ट सत्यापन, आपराधिक रिकॉर्ड साझा करने और यात्रियों की पहचान से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

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