अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई है। ईरान सरकार ने 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। तेहरान समेत कई शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
World News: ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि 1 मार्च 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में उनकी जान चली गई। इस खबर के सामने आते ही पूरे ईरान में शोक की लहर दौड़ गई। सरकार ने इसे राष्ट्रीय क्षति बताया है और देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का एलान किया है।
सरकार ने सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की है। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं और मस्जिदों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
28 फरवरी को तेहरान में हुआ हमला
रिपोर्ट के अनुसार हमला शनिवार 28 फरवरी 2026 की सुबह तेहरान स्थित खामेनेई के आवास और कार्यालय कंपाउंड को निशाना बनाकर किया गया था। बताया जा रहा है कि यह हमला बेहद सटीक और योजनाबद्ध था। अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे बड़ा संयुक्त ऑपरेशन बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं और शीर्ष नेतृत्व को खत्म करना था। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी बयान जारी कर कहा कि खामेनेई की मौत हो चुकी है।
शुरुआती इनकार के बाद ईरान की पुष्टि
हमले के तुरंत बाद ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया था। सरकारी सूत्रों ने पहले कहा था कि सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ घंटों बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि 86 वर्षीय खामेनेई शहीद हो गए हैं।
इजरायली अधिकारियों का दावा है कि मलबे से उनका शव बरामद कर लिया गया है। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई। कई देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।
ट्रंप का तीखा बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट करते हुए खामेनेई की मौत की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई अब नहीं रहा। उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी इंटेलिजेंस और एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सका।
ट्रंप ने आगे लिखा कि इजरायल के साथ मिलकर काम करते हुए यह अभियान सफल हुआ और ईरानी नेतृत्व कुछ भी नहीं कर सका। उन्होंने यह भी कहा कि यह ईरानी लोगों के लिए अपने देश को वापस लेने का बड़ा मौका है।
IRGC और सुरक्षा बलों को लेकर दावा
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि ईरान की IRGC, मिलिट्री और अन्य सिक्योरिटी फोर्स के कई सदस्य अब लड़ना नहीं चाहते और अमेरिका से इम्युनिटी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी उन्हें इम्युनिटी मिल सकती है, लेकिन बाद में उन्हें सिर्फ मौत मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि IRGC और पुलिस शांति से देशभक्त नागरिकों के साथ मिल जाएंगे और देश को फिर से महान बनाने की दिशा में काम करेंगे। ट्रंप के इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लगातार बमबारी का दावा
ट्रंप ने कहा कि खामेनेई की मौत के बाद भी अभियान यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने दावा किया कि भारी और सटीक बमबारी पूरे सप्ताह जारी रहेगी या तब तक जारी रहेगी जब तक मिडिल ईस्ट और दुनिया में शांति स्थापित करने का लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता।
ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक
खामेनेई की मौत के बाद ईरान सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। साथ ही सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश का भी एलान किया गया है। सरकारी मीडिया ने कहा कि यह राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगहों पर श्रद्धांजलि सभाएं हो रही हैं। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे देश में अलर्ट पर हैं।












