पाकिस्तान-अफगानिस्तान सैन्य संघर्ष पर ईरान की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया, रमजान में युद्ध को बताया अनुचित

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सैन्य संघर्ष पर ईरान की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया, रमजान में युद्ध को बताया अनुचित

पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर ईरान ने पहली प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रमजान में युद्ध को अनुचित बताते हुए दोनों देशों से संयम और संवाद की अपील की। तेहरान ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश भी की।

World News: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष पर अब ईरान की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। तेहरान ने इस टकराव को रमजान के पवित्र महीने में अनुचित बताया है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।

ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाने को तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं।

अब्बास अराघची का शांति संदेश

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि रमजान आत्मसंयम, एकजुटता और भाईचारे का महीना है। ऐसे समय में मुस्लिम देशों के बीच युद्ध उचित नहीं है।

उन्होंने लिखा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान को अच्छे पड़ोसी संबंधों के दायरे में रहकर अपने मतभेदों को संवाद के माध्यम से सुलझाना चाहिए। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान दोनों देशों के बीच बातचीत को सुगम बनाने और आपसी समझ को मजबूत करने में हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।

रमजान में युद्ध पर आपत्ति

ईरान ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि रमजान का महीना युद्ध का नहीं बल्कि शांति और आत्मचिंतन का समय होता है। विदेश मंत्री ने कहा कि इस्लामी जगत में यह महीना आपसी एकता को मजबूत करने का अवसर होता है।

तेहरान का मानना है कि इस समय सैन्य कार्रवाई से न केवल क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी बल्कि मुस्लिम देशों के बीच संबंध भी कमजोर होंगे। इसी कारण ईरान ने सार्वजनिक रूप से दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।

पाकिस्तान की आधी रात एयरस्ट्राइक

इस बीच पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार आधी रात अफगानिस्तान में सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। राजधानी काबुल में कई मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई।

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार कुछ सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि तत्काल किसी बड़े नागरिक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

तालिबान का जवाबी दावा

अफगान तालिबान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की कार्रवाई के जवाब में कई चौकियों को निशाना बनाया गया। तालिबान ने दावा किया है कि पाकिस्तान के 55 सैनिक मारे गए और 19 चौकियों पर कब्जा किया गया।

इसके साथ ही 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव कब्जे में लेने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

तालिबान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के एक अहम F-16 फाइटर जेट को मार गिराया गया। इस दावे पर पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक पुष्टि या खंडन की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

Leave a comment