Jeffrey Epstein केस से जुड़े दस्तावेजों को लेकर अमेरिका में नया विवाद खड़ा हो गया है। Donald Trump का नाम संभावित रिकॉर्ड में होने के दावों के बाद न्याय विभाग फाइलों की समीक्षा कर रहा है।
Epstein File: अमेरिका में एक बार फिर एपस्टीन फाइल्स को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने कुछ अहम दस्तावेज जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किए, जिनमें राष्ट्रपति Donald Trump समेत कई प्रभावशाली लोगों के नाम हो सकते हैं। इस दावे के सामने आने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार न्याय विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या एपस्टीन फाइल्स से जुड़े कुछ रिकॉर्ड अनुचित तरीके से रोके गए थे। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पहले ही इस केस से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए जा चुके हैं।
क्या है पूरा मामला
एपस्टीन फाइल्स उन दस्तावेजों का संग्रह है, जो वित्तीय कारोबारी और दोषी यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े मामलों से संबंधित हैं। 2019 में गिरफ्तारी के बाद एपस्टीन की न्यूयॉर्क जेल में मौत हो गई थी। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया था, लेकिन इस पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
अब नया विवाद इस बात को लेकर है कि 2019 में एफबीआई द्वारा एक अज्ञात महिला से किए गए कई साक्षात्कारों के सारांश सार्वजनिक दस्तावेजों में शामिल नहीं थे। महिला ने आरोप लगाया था कि 1980 के दशक में नाबालिग होने के दौरान उसका यौन उत्पीड़न हुआ था और उसने ट्रंप तथा एपस्टीन दोनों के नाम लिए थे। हालांकि इन आरोपों को असत्यापित बताया गया है और ट्रंप ने लगातार किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
न्याय विभाग की प्रतिक्रिया
अमेरिकी न्याय विभाग ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वह उन फाइलों की समीक्षा कर रहा है, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वे गायब हैं। विभाग का कहना है कि यदि कोई दस्तावेज गलती से रोका गया है और वह फेडरल कानून के तहत जारी किया जाना चाहिए, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सार्वजनिक किया जाएगा।
न्याय विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि बड़े पैमाने पर जारी रिकॉर्ड में कुछ श्रेणियों के दस्तावेज शामिल नहीं किए गए थे। इनमें ऐसे दस्तावेज भी हो सकते हैं जो पीड़ितों की पहचान उजागर करते हों, कानूनी विशेषाधिकार के अंतर्गत आते हों या चल रही जांच से जुड़े हों।

घिस्लेन मैक्सवेल की भूमिका
इस पूरे मामले में एपस्टीन की सहयोगी Ghislaine Maxwell का नाम भी बार–बार सामने आता है। मैक्सवेल को यौन तस्करी के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और वह 20 साल की सजा काट रही हैं। हाल में जारी दस्तावेजों में मैक्सवेल के केस से जुड़े कई रिकॉर्ड भी शामिल थे।
हालांकि कुछ मीडिया संगठनों ने दावा किया कि खोज प्रक्रिया के दौरान दिए गए कुछ दस्तावेज सार्वजनिक रिकॉर्ड में नहीं थे। इसी के बाद न्याय विभाग ने आंतरिक समीक्षा शुरू की है।
मीडिया रिपोर्ट्स से बढ़ी हलचल
सबसे पहले इस मुद्दे को स्वतंत्र पत्रकार रॉजर सोलनबर्गर ने उजागर किया। बाद में एनपीआर, द न्यूयॉर्क टाइम्स, एमएस नाउ और सीएनएन जैसे बड़े मीडिया संगठनों ने भी इस पर रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट्स के अनुसार एफबीआई ने उस महिला से चार बार साक्षात्कार किया था, लेकिन सार्वजनिक रूप से जारी फाइलों में केवल एक इंटरव्यू का सारांश शामिल था।
इन खुलासों के बाद सवाल उठने लगे कि बाकी साक्षात्कारों के दस्तावेज क्यों जारी नहीं किए गए। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दस्तावेज जानबूझकर रोके गए या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि हुई।
ट्रंप पर लगे आरोप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन से जुड़े किसी भी गलत काम से लगातार इनकार किया है। न्याय विभाग ने पहले भी कहा था कि कुछ दस्तावेजों में ट्रंप के खिलाफ असत्य और सनसनीखेज दावे शामिल हैं, जिन्हें 2020 चुनाव से पहले एफबीआई को सौंपा गया था। विभाग का कहना था कि ये दावे निराधार हैं।
व्हाइट हाउस की ओर से भी आरोपों को खारिज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि इन आरोपों में विश्वसनीयता होती तो वे पहले ही कानूनी कार्रवाई का आधार बन चुके होते।
30 लाख पन्नों की रिकॉर्ड रिलीज
पिछले महीने न्याय विभाग ने घोषणा की थी कि वह एपस्टीन से जुड़े 30 लाख से अधिक पन्नों के रिकॉर्ड सार्वजनिक कर रहा है। उस समय विभाग ने पारदर्शिता की प्रतिबद्धता दोहराई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि कुछ रिकॉर्ड रोके जा सकते हैं यदि वे पीड़ितों की सुरक्षा, कानूनी गोपनीयता या चल रही जांच को प्रभावित करते हों।
रिडैक्शन प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। कुछ मामलों में पीड़ितों की पहचान पूरी तरह से छिपाई नहीं गई थी, जिससे लगभग 100 संभावित पीड़ितों की निजी जानकारी उजागर होने का दावा किया गया। एपस्टीन के अभियुक्तों के वकीलों ने अदालत में कहा कि इस लापरवाही से कई लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है।










