पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर जारी संघर्ष में तालिबान के शिक्षा मंत्री निदा मुहम्मद नदीम की मौत का दावा किया गया है। हमले में कई कमांडर मारे गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ।
Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष में एक बड़ी खबर सामने आई है। तुर्की मीडिया रॉयलटाइम न्यूज डॉट कॉम ने दावा किया है कि पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में तालिबान के शिक्षा मंत्री निदा मुहम्मद नदीम की मौत हो गई है। इस हमले के दौरान उनके साथ एक महत्वपूर्ण कमांडर भी मौजूद था। मीडिया रिपोर्ट में हमले की तस्वीरें भी साझा की गई हैं, जिनमें वाहन के परखच्चे उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कब और कैसे हुआ हमला
तुर्की मीडिया के अनुसार यह हमला अफगानिस्तान के स्पिन बोल्डक शहर में किया गया। इस हमले में एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें निदा मुहम्मद नदीम और अन्य कमांडर सवार थे। निदा मुहम्मद ने इससे पहले नंगरहार के गवर्नर के रूप में भी सेवा दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, हमले में उनकी मौत हो गई और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
तालिबान को हुए भारी नुकसान का दावा
तुर्की मीडिया ने दावा किया कि इस हमले में तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए। यह हमला पाकिस्तान की ओर से सीमा पार किए गए सैन्य अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। अफगान तालिबान ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पाकिस्तान की ओर से सैन्य नुकसान का विवरण
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस हमले में अफगानिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा। इसमें दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय, दो हथियार डिपो, एक लॉजिस्टिक्स बेस, तीन बटालियन मुख्यालय और दो सेक्टर मुख्यालय शामिल हैं। इसके अलावा, करीब 80 से अधिक टैंक, तोपें और बख्तरबंद वाहन नष्ट किए गए। इस हमले को पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में सैन्य दबाव बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

सीमा पर जारी संघर्ष
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के सैनिकों के बीच भीषण गोलीबारी की खबरें मिल रही हैं। पिछले हफ्तों में कई बार सीमा पार की हमलावर गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जिससे दोनों पक्षों में तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है और स्थानीय नागरिकों के लिए भी खतरा बढ़ा सकता है।
इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी चिंता है। तुर्की मीडिया ने स्वतंत्र स्रोतों के हवाले से जानकारी दी है, लेकिन अभी तक अफगानिस्तान या पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं और इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
तालिबान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की पृष्ठभूमि
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई वर्षों से सीमा विवाद और हिंसक झड़पें होती रही हैं। दोनों देशों के सैनिक और स्थानीय मिलिशिया समूह एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले करते रहे हैं। यह संघर्ष न केवल सीमा क्षेत्रों तक सीमित है, बल्कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर डाल रहा है।
तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता संभालने के बाद कई बार पाकिस्तान पर आरोप लगाए कि वह अपने सैन्य अभियान के तहत अफगान क्षेत्रों में हस्तक्षेप कर रहा है। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि वह सीमा पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सैन्य अभियान चला रहा है।
इस हमले से न केवल तालिबान को बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी खतरा पैदा हुआ है। स्पिन बोल्डक और आसपास के क्षेत्रों में विस्फोट और गोलीबारी के कारण कई लोग विस्थापित हुए हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार युद्ध और हिंसा से नागरिक जीवन, स्कूल और अस्पताल प्रभावित हो सकते हैं।











