अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ गया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने नहीं दिया जाएगा। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से हालात और संवेदनशील बने हैं।
America: मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं। अमेरिकी वॉरशिप और सैनिकों की तैनाती को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। इसी बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को खुली चेतावनी दी है।
वेंस ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार और परमाणु आतंकवाद के जरिए दुनिया को धमकी देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते पहले से ही तनाव में हैं।
जेडी वेंस का कड़ा संदेश
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक इंटरव्यू के दौरान ईरान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कूटनीति को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी। अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य विकल्प का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
वेंस ने कहा कि दुनिया को ऐसी स्थिति तक पहुंचाना जरूरी है जहां ईरान परमाणु आतंकवाद की धमकी न दे सके। उन्होंने ईरान को आतंकवाद का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि एक खतरनाक और अस्थिर शासन को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उनका यह बयान सीधे तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर था।
मिडिल ईस्ट में सैन्य तैनाती

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की बढ़ती तैनाती ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। अमेरिका ने क्षेत्र में अपने वॉरशिप और सैनिकों की मौजूदगी बढ़ाई है। यह कदम संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए उठाया गया बताया जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकती है ताकि ईरान को बातचीत की मेज पर लाया जा सके। हालांकि सैन्य तैनाती से जंग जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई जा रही है।
ट्रंप का रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी हाल ही में संसद में दिए अपने संबोधन में ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका तक निशाना साधने वाली मिसाइलें विकसित कर रहा है। साथ ही यह भी दावा किया कि पिछले साल अमेरिकी हमलों के बाद ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
जेडी वेंस ने स्पष्ट किया कि बातचीत कितने समय तक जारी रखनी है और आगे क्या कदम उठाना है, इसका अंतिम फैसला राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे। उनका कहना है कि कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन अन्य विकल्प भी खुले हैं।
अमेरिका की रणनीति दो स्तर पर काम करती दिख रही है। एक ओर कूटनीतिक बातचीत की बात की जा रही है, दूसरी ओर सैन्य विकल्प की चेतावनी भी दी जा रही है। वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप शांति चाहते हैं, लेकिन यदि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हुआ तो कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर सवाल
ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय राजनीति का केंद्र रहा है। कई देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
अमेरिका का कहना है कि अगर ईरान को परमाणु हथियार मिलते हैं तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसी वजह से वेंस ने ‘परमाणु आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कड़ा संदेश दिया।










