ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के दावे से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। सरकारी मीडिया ने अमेरिकी-इजरायली हमले को जिम्मेदार बताया है। देश में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
Iran: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी-इजरायली हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू समेत परिवार के कई लोगों की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद ईरान में शोक और गुस्से का माहौल है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस खबर को लेकर गंभीर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था। इसी दौरान खामेनेई के परिवार के सदस्य भी हमले की चपेट में आ गए। हालांकि हमले की पूरी परिस्थितियों को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सरकारी मीडिया ने इसे सीधा अमेरिकी-इजरायली हमला बताया है।
परिवार के कई सदस्यों की मौत की पुष्टि
ईरानी मीडिया ने बताया कि इस हमले में आयतुल्लाह अली खामेनेई की बेटी, पोती, बहू और दामाद मारे गए हैं। यह खबर सामने आने के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। कई शहरों में लोगों ने श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित कीं और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खामेनेई की आखिरी पोस्ट भी तेजी से वायरल हो रही है। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि ईमान वालों में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अल्लाह से किया गया वादा पूरा कर दिखाया। उनमें से कुछ शहीद हो चुके हैं और कुछ इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपने इरादे में कोई बदलाव नहीं किया। इस पोस्ट को अब उनके समर्थक एक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज का दावा
इससे पहले इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर दावा किया कि इजरायली वायुसेना ने पूरे ईरान में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। IDF के अनुसार इन हमलों में ईरानी रक्षा नेतृत्व के सात वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया गया है। बयान में कहा गया कि दुनिया उनके बिना एक बेहतर जगह है।
जिन नेताओं के मारे जाने का दावा किया गया है, उनमें अली शमखानी, मोहम्मद पाकपुर, सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मुजफ्फर-निया शामिल हैं। इन नामों के सामने आने के बाद ईरान की राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक
खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरान सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। साथ ही सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश का ऐलान भी किया गया है। सरकारी मीडिया ने आधिकारिक बयान में कहा कि देश के सर्वोच्च नेता का निधन हो गया है और यह राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
राजधानी तेहरान सहित कई बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं। मस्जिदों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।










